भारत का गोल्ड इंपोर्ट बिल $75 अरब पार, आनंद राठी के CEO ने की सोना बेचने की अपील

भारत का गोल्ड इंपोर्ट बढ़कर $75 बिलियन तक पहुंचा। आनंद राठी वेल्थ के CEO फिरोज अज़ीज़ ने लोगों से घर में रखा निष्क्रिय सोना बेचकर रुपये को मजबूत करने की अपील की।

 
गोल्ड प्रॉफिट बुकिंग

भारत में सोने को सिर्फ निवेश नहीं बल्कि भावनाओं और सुरक्षा से भी जोड़कर देखा जाता है. लेकिन अब देश में बढ़ते गोल्ड इंपोर्ट को लेकर चिंता जताई जा रही है.आनंद राठी वेल्थ के CEO फिरोज अज़ीज़ ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में रखा थोड़ा-सा निष्क्रिय सोना बेचें, ताकि देश का आयात बोझ कम हो सके और रुपये को मजबूती मिले.

भारत का गोल्ड इंपोर्ट बना बड़ी चिंता

फिरोज अज़ीज़ के मुताबिक भारत हर साल जरूरत से कहीं ज्यादा सोना आयात कर रहा है. कुछ साल पहले तक देश का गोल्ड इंपोर्ट बिल करीब 35 अरब डॉलर था, जो अब बढ़कर लगभग 75 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. इसका सीधा असर देश के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) और रुपये की मजबूती पर पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली पर अक्सर काफी चर्चा होती है, लेकिन असल में गोल्ड इंपोर्ट उससे कहीं बड़ा आर्थिक दबाव बन चुका है. वित्त वर्ष 2025-26 में FII आउटफ्लो करीब 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि गोल्ड इंपोर्ट बिल उससे कई गुना ज्यादा है.

घरों में रखा है भारी मात्रा में सोना

अज़ीज़ का अनुमान है कि भारतीय परिवारों के पास करीब 4 ट्रिलियन डॉलर मूल्य का सोना मौजूद है, जो ज्यादातर लॉकरों और घरों में पड़ा रहता है. उनका कहना है कि अगर लोग अपने कुल सोने का सिर्फ 2 से 4 फीसदी हिस्सा भी बेच दें तो देश के आयात बिल में बड़ी कमी लाई जा सकती है.

उन्होंने अपनी कंपनी Anand Rathi Wealth का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके पास करीब 13,800 परिवार ग्राहक हैं. यदि हर परिवार सिर्फ 100 ग्राम सोना बेच दे तो करीब 2,500 से 3,000 करोड़ रुपये का सोना बाजार में वापस आ सकता है.

सोना बेचना त्याग नहीं, समझदारी

फिरोज अज़ीज़ का कहना है कि यह कोई दान या त्याग की बात नहीं है. सोने की कीमतें इस समय रिकॉर्ड स्तर के आसपास हैं और हाल में इनमें कुछ गिरावट भी देखने को मिली है. ऐसे में निवेशकों के लिए मुनाफावसूली का यह अच्छा मौका हो सकता है.

उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग शेयर बाजार में सही समय पर प्रॉफिट बुकिंग करते हैं, उसी तरह सोने में भी करनी चाहिए. उनका मानना है कि इससे लोगों को फायदा भी होगा और देश का आर्थिक दबाव भी कम होगा.

सरकार से टैक्स राहत की मांग

अज़ीज़ ने सरकार से गोल्ड ट्रांजैक्शन पर कुछ समय के लिए कैपिटल गेन टैक्स हटाने की मांग भी उठाई है. उनका कहना है कि अगर टैक्स में राहत मिलेगी तो लोग आसानी से अपना पुराना सोना बेचने के लिए तैयार होंगे. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में आम नागरिक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.