प्राइवेट बस परिचालकों की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा 

 
प्राइवेट बस परिचालकों की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा 

भिवानी :

जिले में निजी बस संचालकों द्वारा सरकारी नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाने और बुजुर्गों व छात्र-छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का मामला गर्माता जा रहा है।

इस गंभीर समस्या को लेकर वीरवार को ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) की जिला कमेटी ने कड़ा रुख अख्तियार किया।

संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय यातायात प्राधिकरण (आरटीए) कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर संगठन के जिला प्रधान रोहतास सिंह सैनी के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को बताया कि जिले में चलने वाली निजी बसों के परिचालक सीनियर सिटीजन (वरिष्ठ नागरिकों) और पढऩे वाले छात्र-छात्राओं के साथ संवेदनहीन व्यवहार कर रहे हैं।
      ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने सरकार द्वारा बुजुर्गों को किराए में दी गई 50 प्रतिशत की रियायत को निजी बस परिचालक मानने से साफ इनकार कर रहे हैं और उनसे पूरा किराया वसूला जा रहा है।

शिक्षण संस्थानों में जाने वाले छात्र-छात्राओं से भी आधा किराए की बजाय पूरा किराया मांगा जा रहा है तथा यदि किसी छात्र के पास पूरा किराया देने के लिए पैसे कम होते हैं, तो उन्हें बस से बीच रास्ते में ही उतार दिया जाता है, जिससे उनकी सुरक्षा और शिक्षा दोनों पर संकट खड़ा हो गया है। आदि समस्याओं से अवगत करवाया।
      रोहतास सिंह सैनी ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि संगठन ने इस अन्याय के खिलाफ पिछले साल अगस्त महीने में भी परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी शासन और प्रशासन की ओर से निजी बस मालिकों पर कोई नकेल नहीं कसी गई। प्रशासन की इसी सुस्ती के कारण बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं।

संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार और आरटीए विभाग तुरंत अधिकारियों को आदेश जारी कर इस मनमानी को नहीं रोकता तो आने वाले समय में जिले के बुजुर्ग और छात्र एकजुट होकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूर्ण रूप से प्रशासन की होगी।
      प्रतिनिधि मंडल में फूलचंद, महेंद्र सिंह कटारिया, सतवीर सिंह, फतेह सिंह, नरेश कुमार, राजेश कुमार, राजाराम दिनोद आदि मौजूद रहे।