टीआईटी भिवानी में एंटी रैगिंग सप्ताह का आयोजन
भिवानी:
The Technological Institute of Textile & Sciences (TIT), भिवानी में 12 से 18 अगस्त तक एंटी रैगिंग सप्ताह का आयोजन बड़े ही उत्साह और जागरूकता के साथ किया गया।
इस सप्ताह का मुख्य उद्देश्य छात्रों को रैगिंग के दुष्परिणामों से अवगत कराना और एक सकारात्मक, सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देना था।
सप्ताह भर चले इस जागरूकता अभियान के दौरान विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें रंगोली, डिजिटल लोगो डिज़ाइन, पोस्टर मेकिंग, तथा निबंध लेखन शामिल थीं। इन प्रतियोगिताओं में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
रंगोली प्रतियोगिता के विजेता:
प्रथम स्थान: राखी (बीबीए, तृतीय सेमेस्टर)
द्वितीय स्थान: कोमल एवं भावना (सीएस, प्रथम सेमेस्टर)
तृतीय स्थान: शिवानी एवं खुशी (ईसीई, तृतीय सेमेस्टर)
डिजिटल लोगो डिज़ाइन प्रतियोगिता:
प्रथम स्थान: प्राची (सीई, 25CE068)
द्वितीय स्थान: खुशी (23FA001)
तृतीय स्थान: पलक (25CE003)
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेता:
प्रथम स्थान: नैना (टीटी, तृतीय वर्ष)
द्वितीय स्थान: रिंकू (टीटी, तृतीय वर्ष)
तृतीय स्थान: मनीषा भारद्वाज (सीएस)
निबंध लेखन प्रतियोगिता के विजेता:
खुशी भंडारी (सीई, तृतीय सेमेस्टर, 24CE021)
हरेंद्र (सीई, तृतीय सेमेस्टर, 24CE050)
नवीन (टीटी, प्रथम सेमेस्टर, 25TT002)
कार्यक्रम के संयोजक एवं एंटी रैगिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अश्विनी गोयल ने समापन समारोह में छात्रों एवं संकाय के सक्रिय सहयोग की सराहना करते हुए कहा:
"हमारा उद्देश्य केवल रैगिंग को समाप्त करना नहीं है, बल्कि ऐसा समावेशी वातावरण बनाना है जहाँ हर छात्र स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और प्रेरित महसूस करे। TIT Bhiwani को रैगिंग-फ्री बनाने में आप सभी का योगदान अत्यंत सराहनीय है।"
समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं संस्थान के निदेशक प्रो. बी.के. बेहेरा ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करते हुए छात्रों को संबोधित किया:
"युवा पीढ़ी अब सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों को गंभीरता से ले रही है। रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से यह संदेश देना कि रैगिंग जैसी कुप्रथा के लिए हमारे संस्थान में कोई स्थान नहीं है – अत्यंत प्रभावशाली प्रयास है।"
कार्यक्रम में संस्थान के सभी अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस सप्ताह ने न केवल छात्रों में रैगिंग के प्रति जागरूकता उत्पन्न की, बल्कि उन्हें मिलकर एक सुरक्षित, समावेशी एवं सशक्त कैंपस निर्माण के लिए प्रेरित भी किया।