वाल्मीकि वाटिका को बचाने की जंग, सीएम विंडो, डीसी व नप को सौंपी शिकायत
भिवानी
स्थानीय बावड़ी गेट पर वाल्मीकि वाटिक को लेकर स्थानीय निवासियों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। रविदास मंदिर रोड और वाल्मीकि नगर के सैकड़ों निवासियों ने सोमवार को उपायुक्त, सीएम विंडो व नगर परिषद को पत्र लिखकर पार्क के अस्तित्व को खत्म करने की साजिश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
निवासियों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व अपने निजी प्रभाव का इस्तेमाल कर इस हरे-भरे सार्वजनिक पार्क को उजाडक़र वहां धर्मशाला या मैरिज हॉल का निर्माण करवाना चाहते हैं।
स्थानीय निवासियों राहुल,ख्रवि, रविंद्र, सुशीला, अनिता, हरिराम, विक्की, वीना, अनिता, धर्मपति सहित अन्य द्वारा उपायुक्त को शिकायत सौंपी तथा कहा कि रविदास मंदिर रोड पर स्थित वाल्मीकि वाटिका शहर का एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है। इस पार्क में 18-20 फुट ऊंचे करीब 20 पुराने हरे-भरे पेड़ लगे हैं, जिनका व्यास (मोटाई) एक फुट के करीब है। इसके अलावा यहां फलदार और फूलदार पौधों की बड़ी संख्या है।
उन्होंने बताया कि नगर परिषद भिवानी द्वारा पूर्व में यहां बच्चों के लिए झूले, युवाओं और बुजुर्गों के लिए व्यायाम मशीनें और बैठने के लिए कुर्सियां लगवाई गई थी।
उन्होंने कहा कि पार्क से मात्र 200 मीटर की दूरी पर सैनी धर्मशाला और रविदास मंदिर धर्मशाला पहले से मौजूद हैं। वहीं, करीब 700 मीटर की दूरी पर वाल्मीकि धर्मशाला भी स्थित है।
इस घनी आबादी वाले इलाके में यह एकमात्र पार्क है, जो निवासियों के स्वास्थ्य और ताजी हवा के लिए अनिवार्य है। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग नशे की गतिविधियों और गलत उद्देश्यों के लिए इस पार्क को खत्म करना चाहते हैं।
ऐसे में वे मांग करते है कि पार्क में खड़े हरे वृक्षों को ना काटा जाए और इस सार्वजनिक संपत्ति को धर्मशाला या मैरिज हॉल में तब्दील करने की किसी भी योजना पर तुरंत रोक लगाई जाए। नगर के निवासियों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे कड़ा रुख अपनाने को मजबूर होंगे।

