फर्जी एनकाउंटर और न्यायिक प्रणाली में अनाधिकृत घुसपैठ के खिलाफ भारत मुक्ति मोर्चा ने खोला मोर्चा, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
 

संविधान द्वारा निर्धारित कार्यपालिका और न्यायपालिका की सीमाओं का उल्लंघन है फर्जी एनकाउंटर : रमेश दहिया 
 
 
राष्ट्रपति को ज्ञापन

भिवानी, 03 मई : प्रदेश में बढ़ रही कथित फर्जी एनकाउंटर की घटनाओं और पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भारत मुक्ति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश दहिया के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रविवार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व स्थानीय बावड़ी गेट स्थित वाल्मीीिक धर्मशाला ममें विभिन्न संगठनों की बैठक आयोजित हुई। इस दौरान रमेश दहिया ने सीधे तौर पर पुलिस पर न्यायपालिका के अधिकारों के अतिक्रमण का आरोप लगाया है। रमेश दहिया ने 26 अप्रैल को करनाल के गांव गोंदर के निवासी गोविंद के साथ हुई घटना का हवाला देते हुए इसे सुनियोजित फर्जी एनकाउंटर करार दिया। उन्होंने कहा कि आरोपी गोविंद ने एक कमेटी के माध्यम से पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था, लेकिन आत्मसमर्पण के कुछ ही घंटों बाद रात को सीआईए-2 करनाल ने उसे पैर में गोली मार दी। उन्होंने कहा कि जब समाज के जागरूक लोगों ने पहले ही सोशल मीडिया पर एनकाउंटर की आशंका जताई थी, तो पुलिस का यह कदम निष्पक्ष जांच की जगह एक पक्ष का पक्षधर होना साबित करता।

दहिया ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लोकतंत्र के लिए घातक बताते हुए कहा कि सजा तय करना और आरोप सिद्ध करना केवल माननीय न्यायालय का अधिकार क्षेत्र है। पुलिस द्वारा किए जा रहे एनकाउंटर ना केवल न्यायपालिका की छवि को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि यह संविधान द्वारा निर्धारित कार्यपालिका और न्यायपालिका की सीमाओं का उल्लंघन भी है। उन्होंने सोनीपत में भी मात्र शक के आधार पर एक छात्र को गोली मारने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। भारत मुक्ति मोर्चा और अन्य सामाजिक संगठनों ने राष्ट्रपति से मां्रग की कि करनाल और प्रदेश में हुए अन्य संदिग्ध एनकाउंटरों की जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जाए, करनाल एसपी कार्यालय, संबंधित थाने और सीआईए-2 थाने की सीसीटीवी फुटेज और अधिकारियों की कॉल लोकेशन को तुरंत सुरक्षित कर जांच में शामिल किया जाए, इस मामले में संलिप्त अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त किया जाए और करनाल एसपी का तबादला कर उनके कार्यकाल के दौरान हुए सभी एनकाउंटरों की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो, गिरफ्तार आरोपी गोविंद और अन्य को जेल में जान का खतरा है, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। रमेश दहिया ने ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह मामला अनुसूचित जाति के व्यक्ति के खिलाफ जानबूझकर किए गए उत्पीडऩ का है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन वर्ग राजनीतिक और वैचारिक हितों के लिए फोर्स का दुरुपयोग बंद नहीं करता, तो इसके परिणाम भविष्य में लोकतंत्र के लिए बहुत घातक होंगे। इस अवसर पर रमेश दहिया के साथ बामसेफ, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा और अन्य जागरूक नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला संयोजक दीपक जांगड़ा, मीडिया प्रभारी कृष्ण बलियाली, राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा हरियाणा के प्रदेश संयोजक जगदीश प्रधान, फकीरचंद महेंद्रगढ़, भारत मुक्ति मोर्चा हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार करनाल, रमेश बवाना, राजमल बहमणी, बनारसी दहिया, सुरेश कायला, हवा सिंह सांगा, मुरारीलाल सांगा, महेंद्र बिधनोई, लोकेश कैरू, पवन गोकलपुरा, भारत मुक्ति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल ढ़ांडा, भारत मुक्ति मोर्चा की महिला प्रदेश अध्यक्ष मनीषा बिरला, इंडियन मेडिकल प्रोफेशन एसोसिएशन के जिला संयोजक डा. संदीप, भारत मुक्ति मोर्चा हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष धर्मबीर अंबेडकर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।