भक्ति और श्रद्धा का संगम : अढ़ाई कोसी नगर परिक्रमा ने बिखेरी आध्यात्मिकता की आभा

भिवानी के गौरवमयी इतिहास से जुडऩे का माध्यम है नगर परिक्रमा : चरणदास महाराज 
 
 
भिवानी के 12 दरवाजे
भिवानी, 19 अप्रैल : छोटी काशी के नाम से विख्यात भिवानी नगरी इन दिनों भक्ति के अनूठे रंग में डूबी हुई है। स्थानीय हनुमान जोहड़ी मंदिर परिवार द्वारा पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से निरंतर निकाली जा रही अढ़ाई कोसी नगर परिक्रमा में रविवार को भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर भारी उत्साह और श्रद्धा का सैलाब देखने को मिला। बालयोगी महंत चरणदास महाराज के सान्निध्य में यह यात्रा अपनी आध्यात्मिक चमक बिखेरते हुए आगे बढ़ रही है। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आध्यात्मिकता के साथ-साथ समाजसेवा और कला का भी सम्मान किया गया। बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने भागीरथ शर्मा को 51 सफल शहीदी कवि सम्मेलनों के आयोजन के लिए और घनश्याम सर्राफ को नगर परिक्रमा के सफर में उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। इस मौके पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महंत चरणदास महाराज ने परिक्रमा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह अढ़ाई कोसी नगर परिक्रमा केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि छोटी काशी भिवानी के गौरवमयी इतिहास से जुडऩे का माध्यम है। इसके जरिए श्रद्धालु शहर के विभिन्न प्राचीन मंदिरों और सभी 12 दरवाजों के ऐतिहासिक महत्व व उनकी महिमा की जानकारी हासिल कर रहे हैं। महाराज ने उत्साह बढ़ाते हुए घोषणा की कि इस निरंतर जारी नगर परिक्रमा के 400 दिन पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 16 मई को शहर में एक विशाल नगर परिक्रमा निकाली जाएगी। यह आयोजन ना केवल धार्मिक दृष्टि से भव्य होगा, बल्कि पूरे शहर को एकता और श्रद्धा के सूत्र में पिरोने का कार्य भी करेगा। इस अवसर पर जयपाल परमार, शिव कुमार चित्रकार, मैनेजर धर्मबीर दहिया, धीरज सैनी, दिनेश दाधीच, सुनील गर्ग, हरीश शांडिल्य, कृष्ण फौजी, मोनू परमार, प्रवीण वत्स, बनी सिंह, महेंद्र कुंगडय़ा, संजय वर्मा, चंद्रमोहन, नीलम शर्मा, बिंदु वर्मा, लिलो सैनी, धन्वंति, सोनिया, मीना,अनीता,मीनू, सुनीता सहित अनेक श्रद्धालुगण मौजूद रहे।