शारीरिक शिक्षक संघ के सारथी राजेश ढांडा का सम्मान, सेवानिवृत्ति उपरांत किया सम्मानित

1983 पीटीआई संघर्ष के दौरान प्रदेशव्यापी आंदोलनों का राजेश ढ़ांडा ने किया था सफल नेतृृत्व : दिलबाग जांगड़ा
 
 
शिक्षक संघ नेता भिवानी
भिवानी, 19 अप्रैल : शिक्षा जगत और शारीरिक शिक्षकों के अधिकारों के लिए दशकों तक संघर्ष करने वाले शारीरिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे एवं डीपीई राजेश ढांडा की सेवानिवृत्ति पर रविवार को एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। स्थानीय विद्या नगर स्थित उनके निवास स्थान पर पहुँचे शारीरिक शिक्षक सहायकों और गणमान्य साथियों ने ढांडा के शानदार कार्यकाल और उनके जुझारू व्यक्तित्व की जमकर सराहना की। गौरतलब है कि राजेश ढांडा बीती 31 मार्च को अपनी सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए थे। उनके सम्मान में रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके द्वारा संघ हित में किए गए कार्यों को याद किया। इस अवसर पर दिलबाग जांगड़ा ने राजेश ढांडा के कार्यकाल के सबसे चुनौतीपूर्ण समय को याद करते हुए कहा कि जब 1983 पीटीआई शिक्षकों को उनके पदों से हटाया गया था, तब प्रदेश का शारीरिक शिक्षक वर्ग पूरी तरह टूट चुका था। उस कठिन दौर में राजेश ढांडा ने प्रदेशाध्यक्ष के नाते न केवल नेतृत्व संभाला, बल्कि पूरे हरियाणा में धरने-प्रदर्शनों की ऐसी अलख जगाई कि सरकार को शिक्षकों की एकजुटता देखनी पड़ी। जांगड़ा ने भावुक होते हुए कहा, कि राजेश ढांडा ने उस समय एक ढाल बनकर शारीरिक शिक्षकों का सहयोग किया था, जिसे इतिहास हमेशा याद रखेगा। इस मौके पर शारीरिक शिक्षक विनोद पिंकू ने भी राजेश ढांडा के सेवाकाल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि ढांडा ने हमेशा पद से ऊपर उठकर एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाई है। चाहे खेल मैदान की गतिविधियां हों या शिक्षकों की जायज मांगे, उन्होंने कभी पीछे मुडक़र नहीं देखा। साथियों का मानना है कि उनकी सेवानिवृत्ति से विभाग में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है, जिसे भरना आसान नहीं होगा। कार्यक्रम के अंत में राजेश ढांडा ने सभी साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे भले ही राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं, लेकिन शिक्षकों और समाज की भलाई के लिए उनका संघर्ष और सहयोग सदैव जारी रहेगा। इस अवसर पर विनोद पिंकू, शारीरिक शिक्षक सहायक संघ के जिला उपप्रधान विनोद सांगा, महासचिव मदनलाल सरोहा, विजेंद्र सिंह, प्रमोद यादव, बलजीत धनाना, कर्मजीत दुर्जनपुर, नीतू रानी, अनिल तंवर भी साथ रहे।