Bhivani Nandishala Controversy: भिवानी में नंदीशाला सेवा दल और पशुपालन विभाग में तकरार, DC को सौंपा ज्ञापन

भिवानी में नंदीशाला सेवा दल और पशुपालन विभाग आमने-सामने हैं। नंदियों के उपचार और आरोपों को लेकर गोसेवकों ने DC को ज्ञापन सौंप 2 दिन का अल्टीमेटम दिया।

 
Pashupalan Vibhag Bhivani dispute

भिवानी में नंदीशाला सेवा दल और पशुपालन विभाग के बीच तकरार

नंदीशाल सेवा दल ने डीसी को सौंपा ज्ञापन, दो दिन में कार्रवाई ना होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

बिना जांच आरोप लगाना निंदनीय, सवालों के घेरे में डॉक्टर की भूमिका : सचिव राजीव मित्तल

भिवानी, 13 अक्तूबर : जिले में नंदियों के स्वास्थ्य और देखरेख को लेकर नंदीशाला सेवा दल और पशुपालन विभाग के बीच विवाद गहरा गया है। नंदीशाला में लगभग 100 नंदियों के खुरों में गंभीर घाव होने के बाद शुरू हुआ यह मामला अब अधिकारियों की कथित लापरवाही और संगठन पर लगे आरोपों तक पहुंच गया है। मंगलवार को नंदीशाला सेवा दल की समस्त कार्यकारिणी ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर पशुपालन विभाग के उपनिदेशक से लिखित माफी, पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच और कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो गोसेवक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने को विवश होंगे।

उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में सेवा दल के पदाधिकारियों ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से अधिक समय से नंदीशाला में नंदियों की सेवा, हरा चारा, दाना और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित कर रहे हैं। चार वर्ष पूर्व इस नंदीशाला की स्थिति इतनी बदहाल और दयनीय थी कि स्थानीय लोग इसे मृतशाला कहकर बुलाते थे। गोसेवकों, दानदाताओं और आम जनता के आर्थिक व शारीरिक सहयोग से आज इस नंदीशाला में लगभग एक हजार नंदियों की नियमित सेवा और देखभाल की जा रही है।

नंदीशाला सेवा दल के सचिव राजीव मित्तल ने बताया कि हाल ही में नंदीशाला में करीब 100 नंदियों के खुरों में घाव होने की गंभीर समस्या उत्पन्न हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेवा दल ने 6 अक्टूबर को उपनिदेशक पशुपालन विभाग को विधिवत लिखित पत्र भेजा था और घायल नंदियों के त्वरित उपचार हेतु पशु चिकित्सकों की विशेष टीम भेजने की मांग की थी। लेकिन मदद और समाधान मुहैया कराने के बजाय विभाग के उपनिदेशक ने उल्टा सेवा दल पर ही ठीकरा फोड़ दिया। उपनिदेशक ने आरोप लगाया कि नंदीशाला में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था न होने की वजह से नंदियों के खुर खराब हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग के उपनिदेशक द्वारा लगाए गए तथ्यहीन और बेबुनियाद आरोपों से हमारी कार्यकारिणी, गोसेवकों और समाज के दानदाताओं को गहरी मानसिक व भावनात्मक ठेस पहुंची है। जो लोग वर्षों से बिना किसी स्वार्थ के अपना समय, श्रम और धन नंदियों की सेवा में लगा रहे हैं, उनके समर्पण पर इस तरह लांछन लगाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। नंदीशाला सेवा दल ने सौंपे ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि उपनिदेशक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाए और तथ्यहीन साबित होने पर विभाग के उपनिदेशक से सेवा दल के समक्ष लिखित माफी मंगवाई जाए, मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच की जाए तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, नंदियों का तत्काल उपचार किया जाए किया जाए। इस अवसर पर रमेश बंसल, राजेश बासिया, बालकिशन सूगला, रोहित डुडेजा, अतुल गुप्ता, नीरज मित्तल, अमित बंसल मुंढ़ालिया, सुरेंद्र चांगिया सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।