- विद्यार्थी मानसिक प्रताडऩा व शोषण का शिकार नहीं होना चाहिए: एडीसी
भिवानी, 06 मई। शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों के मानसिक परेशानी या अन्य किसी भी प्रकार से उत्पीडऩ को रोकने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार एडीसी दीपक बाबू लाल करवा की अध्यक्षता में स्थानीय लघु सचिवालय परिसर स्थित डीआरडीए सभागार में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में एडीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल-कॉलेजों व होस्टलों में मानसिक रूप से परेशान विद्यार्थियों की काऊंसलिंग की जाए ताकि कोई भी विद्यार्थी आत्म हत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर ना हो। उन्होंने स्कूल कॉलेजों में हेल्पलाइन नंबर जारी करने के साथ-साथ कमेटी सदस्यों को शिक्षण संस्थाओं व जिला में सभी होस्टल का नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
एडीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षण संस्थाओं व होस्टलों में विद्यार्थियों को अनुकूल व सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अक्सर युवा किसी न किसी प्रकार की मानसिक प्रताडऩा का शिकार होते हैं और वे बाद में आत्म हत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो जाते हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों को अच्छा वातावरण मिलना जरूरी है। मानसिक रूप से परेशान विद्यार्थियों की काऊंसलिंग होनी चाहिए ताकि उनकी परेशानी को समझा जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूल-कॉलेजों में हेल्पलाईन नंबर जारी हों ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी के दौरान विद्यार्थी अपनी शिकायत रख सके। इसके साथ ही परेशानी से गुजर रहे बच्चे को सुरक्षा प्रदान करना जरूरी है। विद्यार्थी को किसी प्रकार की प्रताडऩा व शोषण का शिकार न होना पड़े। उन्होंने कमेटी सदस्यों को निर्देश दिए इस बारे में विद्यार्थियों से खुलकर बात की जाए और उनकी परेशानी के बारे में पूछा जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी सक्रिय रहनी चाहिए।
इस बैठक में डीईओ निर्मल दहिया, प्राचार्य डॉ मनजीत सिंह, जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेंद्र कुमार, डॉ सुरजीत सिंह के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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