भिवानी: नौसेना से रिटायरमेंट के बाद अमित सोनी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, बिना कोटे के पाई सफलता!
भिवानी के अमित सोनी ने पेश की मिसाल! भारतीय नौसेना में 15 साल सेवा के बाद बिना पूर्व सैनिक कोटे के बने सहायक प्रोफेसर। गोल्ड मेडलिस्ट अमित की संघर्षपूर्ण सफलता की कहानी।
भिवानी। गांव बापोडा निवासी अमित सोनी ने भारतीय नौसेना में 15 वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद हरियाणा लोक सेवा आयोग की सहायक प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में बिना पूर्व सैनिक कोटे का लाभ लिए सफलता हासिल की है। अमित सोनी ने बताया कि वे 17 वर्ष की आयु में भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे और 15 वर्षों तक समुद्र की कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा की।
ड्यूटी के दौरान भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और बीए, बीएससी, बीएड व आईटी डिप्लोमा जैसी शैक्षणिक योग्यताएं हासिल कीं। उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमएससी (भूगोल) में स्वर्ण पदक प्राप्त किया और यूजीसी-नेट जेआरएफ परीक्षा में ऑल इंडिया 28वीं रैंक हासिल की। इसके अलावा उन्होंने एचटेट के तीनों स्तर, सीटेट के दोनों स्तर पास किए हैं। साथ ही हाल ही में केंद्रीय विद्यालय पीजीटी व पीआरटी के प्रथम चरण और एकलव्य मॉडल स्कूल के पीजीटी प्रथम चरण की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है।
अमित अपनी सफलता का श्रेय अपने स्वर्गीय दादा सूबेदार चंद्रभान सोनी को देते हैं। उन्होंने बताया कि दादा की प्रेरणा से ही घर में शिक्षा और सेवा का माहौल बना। उनकी पत्नी रीना ने भी शादी के बाद पढ़ाई शुरू की और वर्ष 2024 में एक साथ चार सरकारी नौकरियों में चयन पाकर उपलब्धि हासिल की। वर्तमान में अमित सोनी महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है और मेहनत व दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

