भिवानी के अरुण यादव ने 38 की उम्र में पेश की मिसाल
24 घंटों में से एक घंटा भी शरीर को व्यायाम के लिए दे तो हो सकता है स्वस्थ समाज का निर्माण : अरूण यादव
भिवानी, 11 मई : आज के दौर में जहां 38 वर्ष की आयु पार करते ही लोग करियर, परिवार और काम-काज की व्यस्तताओं को ढाल बनाकर अपने स्वास्थ्य और व्यायाम को नजरअंदाज करने लगते है, वहीं भिवानी के एक लाल ने इस धारणा को तोड़ते हुए युवाओं के सामने अनुशासन और दृढ़ संकल्प की एक नई परिभाषा लिखी है। स्थानीय वीरवान पाना की अहीरान गली के निवासी और इंद्राज गार्डन के संचालक अरुण यादव ने देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित 21.1 किलोमीटर की कठिन हाफ मैराथन दौड़ को 2 घंटे लगातार दौडक़र सफलतापूर्वक पूरा कर जिले का नाम रोशन किया है। 38 वर्ष की आयु में उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके जज्बे को दर्शाया है, बल्कि उन युवाओं के लिए भी एक चुनौती पेश की है जो व्यायाम के लिए समय न होने का बहाना बनाते हैं। अरूण यादव स्वास्थ्य को लेकर इतने सचेत है कि उन्होंने अपने 9 वर्षीय मृत्युंजय को भी खेल गतिविधि से जोड़े रखा हुआ है तथा मृत्युंजय पिछले 4 वर्षो से जिम्रास्टिक के खिलाड़ी है तथा फिलहाल अंडर-11 आयु वर्ग में अपने स्कूल की तरफ से खेलते है।
दरअसल ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में वाईस ऑफ कांस्टीट्यूशन द्वारा दूसरी साहोथॉन दौड़ का आयोजन करवाया गया था। जिसमें देश भर से हजारों की संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया तथा 21.1 किलोमीटर की दौड़ लगाई। जिसमें खेल नगरी भिवानी से एकमात्र अरूण यादव ने प्रतिभागिता की तथा इस साहोथॉन दौड़ को पूरा किया। अरुण यादव ने अपने दिनचर्या में फिटनेस को सर्वोपरि रखा तथा 21.1 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर केवल शारीरिक क्षमता का नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती का भी परिचय दिया।
मैराथन पूरी करने के बाद उत्साहित अरुण यादव ने समाज और विशेषकर युवा पीढ़ी को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल पदक जीतना या दौड़ पूरी करना नहीं था, बल्कि युवाओं को यह बताना था कि स्वास्थ्य हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। आज के युवा नशे और गलत आदतों की ओर आकर्षित हो रहे हैं या फिर मोबाइल और दफ्तर की कुर्सियों तक सिमट कर रह गए हैं। यदि हम दिन के 24 घंटों में से एक घंटा भी अपने शरीर को नहीं दे सकते तो भविष्य में हम एक बीमार समाज का निर्माण करेंगे।
अरुण यादव की इस कामयाबी पर अहीरान गली और पूरे भिवानी में खुशी का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अरुण ने यह साबित कर दिया है कि उम्र केवल एक संख्या है। अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। गौरतलब होगा कि अरुण यादव की यह उपलब्धि हमें याद दिलाती है कि एक स्वस्थ शरीर ही एक स्वस्थ मस्तिष्क और सफल करियर का आधार है।
फोटो : 21.1 किलोमीटर साहोथॉन दौड़ पूरी करने के बाद मैडल दिखाते भिवानी निवासी अरूण यादव।

