9 करोड़ के इंजेक्शन के लिए तड़प रही 19 माह की सिया, जीवन बचाने सडक़ पर उतरे शहरवासी
मासूम सिया की सांसें बचाने के लिए व्यवस्था से सहयोग की मांग थी सहायता यात्रा : अमरदीप लाडवाल
भिवानी, 02 जुलाई : स्थानीय विद्या नगर की रहने वाली मात्र 19 महीने की मासूम सिया इस समय स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (एसएमए टाइप-1) जैसी बेहद गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जिंदगी की जंग लड़ रही है। मासूम को नया जीवन देने और उसके इलाज के लिए सरकारी सहायता की गुहार लगाने के लिए लाडो : एक नई पहल संगठन के बैनर तले रोहतक गेट से उपायुक्त कार्यालय तक एक भावुक सहायता यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में संगठन के सदस्यों और शहरवासियों के साथ पीडि़त परिवार ने खुद मासूम सिया को गोद में लेकर भाग लिया। यात्रा के समापन पर उपायुक्त को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया।
लाडो : एक नई पहल संगठन के अध्यक्ष अमरदीप लाडवाल ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी भी तरह का राजनीतिक या सामाजिक विरोध-प्रदर्शन नहीं है। यह एक बेबस परिवार और मासूम बच्ची के जीवन को बचाने के लिए सरकार और समाज के सामने फैलाई गई झोली है। लाडवाल ने कहा कि यह यात्रा सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि एक मासूम बच्ची के जीवन को बचाने के लिए व्यवस्था और समाज से सहयोग की एक भावुक अपील है। सिया के पास समय बहुत कम है, और समय रहते सहायता मिलना ही उसके जीवन की एकमात्र उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि मासूम सिया के इलाज के लिए जो इंजेक्शन बेहद जरूरी है, उसकी कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये है और इसे विदेश से आयात करना पड़ता है। पीडि़त परिवार और संगठन क्राउड फंडिंग के माध्यम से राशि एकत्र करने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इतने सीमित समय में इतनी बड़ी रकम जुटा पाना एक साधारण परिवार के लिए लगभग असंभव है। यही कारण है कि इस मामले में अब सरकारी हस्तक्षेप और बड़ी आर्थिक मदद की दरकार है।
अमरदीप लाडवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती राव से मानवीय आधार पर इस मामले में तुरंत दखल देने की अपील की है। उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में अनुरोध किया गया है कि वे इस बेहद गंभीर और मानवीय संकट से मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को तुरंत अवगत कराएं, ताकि सरकार की ओर से हरसंभव आर्थिक और चिकित्सकीय सहायता जारी की जा सके। इस मौके पर मासूम सिया को बचाने की मुहिम में संगठन के सदस्य रोनित बॉक्सर, परवीन महाबली, विजेंद्र कुमार, साहिल टाक, मोना सहित भारी संख्या में भिवानी के शहरवासी उपस्थित रहे, जिनकी आँखें मासूम सिया की स्थिति देखकर नम थीं।

