बदहाली के आंसू रो रहा पूर्व सीएम बीडी गुप्ता की स्मृति में बना पार्क, वेटरन संगठन ने खोला मोर्चा
 

बीडी गुप्ता पार्क में कागजों में बॉटनिकल गार्डन, हकीकत में कटीली झाडिय़ां : सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल
महापुरुषों के नाम पर बने स्थलों की दुर्दशा उनके नाम का है अपमान, नहीं होगा सहन : बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल
 
 
हरियाणा पार्क न्यूज़

भिवानी, 04 मई : शहर के प्रमुख स्थलों में शुमार और पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बीडी गुप्ता के नाम पर बना पार्क आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। प्रशासन की अनदेखी के चलते इस पार्क की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि यहां सुविधाओं के नाम पर केवल अव्यवस्थाओं का अंबार लगा है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर वेटरन संगठन भिवानी के प्रधान सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला ने कड़ा रोष प्रकट करते हुए सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल ने तीखे शब्दों में कहा कि इस पार्क को बॉटनिकल गार्डन का दर्जा तो दे दिया गया है, लेकिन धरातल पर एक भी ऐसा पौधा नजर नहीं आता जो इसे यह दर्जा दिला सके। उन्होंने पार्क की बदहाली का कच्चा चि_ा खोलते हुए समस्याएं गिनवाई। उन्होंने कहा कि पार्क में प्लांटेशन के नाम पर कुछ नहीं है।

पानी की उचित व्यवस्था न होने के कारण मौजूदा पौधे भी दम तोड़ रहे हैं। पार्क के लगभग 50 फीट के दायरे में कीकर और कटीली झाडिय़ों का कब्जा है, जिससे आम नागरिक का यहां पैदल चलना भी दूभर हो गया है। पार्क की पगडंडियां और टाइलें जगह-जगह से उखड़ी हुई हैं। यहां तक कि योग करने के लिए बनाया गया योगा शेड भी पूरी तरह टूट चुका है। पार्क में ना तो पीने के साफ पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय की सुविधा। स्वच्छता के मामले में भी प्रशासन ने यहाँ से पूरी तरह मुंह फेर लिया है। सूबेदार मेजर बिरेंद्र सिंह ग्रेवाल बामला ने कहा कि एक कुआं और एक झेरा होने के बावजूद पौधों को पानी नहीं मिल रहा। यह प्रशासन की घोर लापरवाही है। वेटरन संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिस महापुरुष के नाम पर इस पार्क का निर्माण हुआ था, उनकी स्मृति का इस तरह अपमान सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि पार्क की पगडंडियों और योगा शेड की तुरंत मरम्मत करवाई जाए, कटीली झाडिय़ों को हटाकर उचित प्लांटेशन किया जाए ताकि यह वास्तव में बॉटनिकल गार्डन जैसा दिखे, पीने के पानी और सुलभ शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि भिवानी की जनता के लिए सुकून और स्वास्थ्य का केंद्र बनने वाला यह पार्क आज प्रशासन की उदासीनता की भेंट चढ़ चुका है।