बिजली कनेक्शन में देरी और मुआवजे को लेकर भडक़ा भािकसं, सीएम के नाम सौंपा 4 सूत्रीय ज्ञापन
 

हाई-टेंशन लाइनों पर भारतीय किसान संघ का सख्त रुख : मुआवजा दो या काम रोको
ट्यूबवेल कनेक्शन में ढिलाई के कारण सिंचाई संकट से जूझ रहा अन्नदाता : महिपाल बड़दू
 
भिवानी खेती समस्या
भिवानी, 12 जून : भारतीय किसान संघ ने किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ की भिवानी इकाई ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम एडीसी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपकर किसानों की चार प्रमुख मांगों को तुरंत पूरा करने की पुरजोर वकालत की है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भारी रोष है। भारतीय किसान संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में ट्यूबवेल कनेक्शनों में देरी पर नाराजगी, खेतों से गुजरने वाली हाई-टेंशन लाइनों का उचित मुआवजा, जलभराव से खराब हुए रास्तों और खालों की मरम्मत, विभिन्न सरकारी परियोजनाओं में स्थानीय समन्वय की मांग मुख्य रूप से उठाई है।
     इस मौके पर भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंंत्री एवं बिजली आयाम प्रमुख महिपाल बड़दू ने कहा कि बिजली निगम द्वारा ट्यूबवेल कनेक्शन देने में भारी देरी की जा रही है। किसान लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, जिससे फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। संघ ने मांग की है कि निगम को सख्त निर्देश देकर इन कनेक्शनों को बिना किसी देरी के तुरंत जारी करवाया जाए। उन्होंने मांग की है कि जिन किसानों के खेतों से ये लाइनें गुजर रही हैं, उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर मुआवजा राशि दी जाए और मुआवजा भुगतान के बाद ही आगे का कार्य शुरू किया जाए। बिना मुआवजे के किसानों की जमीन पर काम बंद होना चाहिए। वही पिछले वर्ष हुई भारी बरसात के कारण क्षेत्र के किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ी है। अत्यधिक जलभराव की वजह से खेतों के खाले और खेतों को जाने वाले मुख्य रास्ते पूरी तरह टूट और खराब चुके हैं। इससे किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने और कृषि उपकरण ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इन खराब रास्तों और खालों को तुरंत दुरुस्त किया जाए और इन्हें पक्का बनवाया जाए। उनका कहना है कि प्रदेश में जहां भी सरकार द्वारा बिजली, गैस पाइपलाइन या अन्य विकास कार्य चलाए जा रहे हैं, वहां अक्सर स्थानीय स्तर पर तालमेल की कमी दिखती है। संघ की मांग है कि कार्य शुरू करने से पहले संबंधित क्षेत्र के किसानों और किसान संघ के स्थानीय पदाधिकारियों को विश्वास में लिया जाए और उनके साथ आपसी तालमेल बनाकर ही कार्य संपन्न किया जाए, ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।
      इस मौके पर भाकिसं जिला अध्यक्ष अजमेर सिंह, युवा प्रमुख पवन लक्ष्मणपुरा ने कहा कि संघ लंबे समय से बिजली निगम के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन ट्यूबवेल कनेक्शनों को लेकर केवल आश्वासन ही मिल रहा है। सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों से बड़ी-बड़ी लाइनें निकाल दी जाती हैं, जिससे उनकी भूमि की कीमत और उपयोगिता कम हो जाती है। सरकार को तय नियमों के अनुसार हर प्रभावित किसान को उचित मुआवजा राशि समय पर देनी होगी।