Brahma Kumaris Bhiwani: 'एक दिया जलाएं बड़े बुजुर्गों के सम्मान का', पितृपक्ष के मौके पर बीके रजनी दीदी का संदेश

भिवानी में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका बीके रजनी दीदी ने कहा कि पितृपक्ष में पूर्वजों के साथ-साथ जीवित बुजुर्गों का सम्मान करना सबसे बड़ा दान है।

 
Divya Bhavan Rudra Colony Bhiwani

एक दिया जलाएं बड़े बुजुर्गों के सम्मान का - बीके रजनी दीदी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय , दिव्य भवन, रुद्रा कॉलोनी, भिवानी की संचालिका बीके रजनी दीदी जी ने पितृपक्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा की भारत में पितृपक्ष में अपने पूर्वजों का सम्मान करते हुए उनका आह्वान करते हैं और अमावस्या के दिन उनकी विदाई करते हैं। हमारी भारतीय संस्कृति शरीर छोड़ चुके हैं पितरों का भी सम्मान करना सिखाती है जबकि आज हम देखते हैं कि घर में बड़े बुजुर्गों का सम्मान पहले से कम होता जा रहा है कहीं-कहीं तो घर के बड़े बुजुर्गों की सेवा को बहुत बोझ समझा जाता है और उन्हें वृद्ध आश्रम भी भेज दिया जाता है और दूसरी तरफ श्राद्ध के दिनों में शरीर छोड़े हुए सदस्यों को खीर पूरी खिलाई जाती है लेकिन परमात्मा शिव कहते हैं कि घर का बड़ा मुखिया, पूर्वज, एक बड़ के पेड़ के समान होता है, जिसकी दुआएं, जिनका आशीर्वाद जीवन में सफलता प्रदान करता है। श्राद्ध बुजुर्गों के लिए श्रद्धा है इसीलिए यदि हम जीवित रहते अपने घर के बड़े बुजुर्गों को प्यार, सम्मान, अपनापन देने का वादा अपने आप से कर ले तो इससे बड़ा पितृ पक्ष में कोई दान नहीं हो सकता।

 रजनी दीदी

आईए हम एक नए तरह से पितृपक्ष मनाएं, घर के बुजुर्गों को सम्मान दें क्योंकि जो अपने जीवित बुजुर्गों का सम्मान करते हैं, उनके पितर पूर्वज कभी नाराज हो नहीं सकते। उनके घर में बिना मांगे सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। इसलिए एक दिया जलाएं बड़े बुजुर्गों के सम्मान का ताकि हर घर स्वर्ग बन जाए इसीलिए तो श्रद्धा के बाद नवरात्रि शुरू होते हैं क्योंकि जो पूर्वजों का सम्मान करते हैं वही फिर देवता बनते हैं। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी बीके सुभाष गोयल, बीके राजकुमार, बीके सज्जन, बीके रामविलास, बीके वशिष्ठ, बीके मंजू , बीके शीला, बीके अंजू सहित अनेकों ब्रह्मावत्सों ने पूर्वजों के सम्मान की प्रतिज्ञा की।