Bhiwani Cable Network Dispute: केबल पार्टनरशिप में 10 करोड़ के हिसाब में गड़बड़ी, फास्टवे डिस्ट्रीब्यूटर प्रदीप चौहान पर FIR

भिवानी में केबल नेटवर्क पार्टनरशिप में 10 करोड़ के हिसाब में हेराफेरी और धोखाधड़ी के आरोप में प्रदीप चौहान पर FIR दर्ज।
 
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भिवानी में केबल नेटवर्क पार्टनरशिप मामले में फ़ास्टवे डिस्टीब्यूटर प्रदीप चौहान पर FIR

भिवानी पुलिस ने धारा 420 के तहत किया मुक़दमा दर्ज 

DSP क्राइम अनूप कुमार की जांच के बाद बड़ा एक्शन, केबल नेटवर्क मामले में प्रदीप चौहान पर FIR दर्ज

केबल नेटवर्क की साझेदारी में करीब 10 करोड़ के हिसाब पर बवाल, प्रदीप चौहान पर धोखाधड़ी का केस

पार्टनरों का आरोप- साझेदारी की रकम निजी कारोबार में लगाई, करोड़ों का हिसाब गायब!

केबल नेटवर्क विवाद पहुंचा थाने, राजकुमार डुडेजा और प्रदीप चौधरी की शिकायत पर मामला दर्ज

 02 सितंबर 2026: भिवानी में केबल नेटवर्क की साझेदारी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। जेपीपीएल केबल नेटवर्क की पार्टनरशिप में करोड़ों रुपये की राशि का हिसाब नहीं देने और साझेदारी की रकम निजी कारोबार में लगाने के आरोप में प्रदीप चौहान के खिलाफ पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई डीएसपी क्राइम अनूप कुमार की जांच के बाद की गई है।

दरअसल, शिकायतकर्ताओं राजकुमार डुडेजा और प्रदीप चौधरी की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया कि भिवानी में केबल नेटवर्क का कारोबार साझेदारी में शुरू किया गया था। शिकायत के अनुसार, साझेदारी के तहत आने वाली रकम को साझा खाते में जमा किया जाना था और उसका हिसाब-किताब सभी पार्टनरों के बीच तय शर्तों के अनुसार होना था।

FIR में आरोप लगाया गया है कि साझेदारी के दौरान कंपनी की आर्थिक गतिविधियों और पैसों के लेन-देन पर प्रदीप चौहान का प्रभाव रहा। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि साझेदारी से आने वाली रकम को साझा खाते में रखने के बजाय अलग-अलग निजी फर्मों में जमा कराया गया।

बताया गया है कि इन फर्मों में चौहान एंटरप्राइजेज और चौहान ट्रैक्टर एंड मोटर समेत अन्य निजी कारोबार शामिल हैं।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि पार्टनरों द्वारा बार-बार हिसाब-किताब मांगे जाने के बावजूद उन्हें पूरा विवरण नहीं दिया गया। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, करीब 10 करोड़ रुपये की राशि का हिसाब स्पष्ट नहीं किया गया और साझेदारी की रकम के इस्तेमाल को लेकर विवाद बढ़ता चला गया।

FIR में शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने अपने हिस्से की रकम और खातों का हिसाब मांगा तो उन्हें टालने की कोशिश की गई। बाद में कथित तौर पर दबाव बढ़ने पर कुछ रकम दिए जाने की बात भी शिकायत में सामने आई है।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस मामले में पहले शिकायतें दी गई थीं और बाद में डीएसपी क्राइम अनूप कुमार की ओर से मामले की जांच की गई। जांच के बाद पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है।

पुलिस की FIR में प्रदीप चौहान, पुत्र रामपाल, को आरोपी बनाया गया है। मामले में धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से पूरे मामले की गहन जांच कर साझेदारी की रकम का हिसाब-किताब सामने लाने और उनकी राशि वापस दिलाने की मांग की है।

फिलहाल इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच जारी है। FIR में दर्ज आरोप अभी जांच का विषय हैं और उनकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित रहेगी कि साझेदारी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई और वास्तव में कितनी राशि का कथित तौर पर दुरुपयोग हुआ।

करीब एक वर्ष पहले हिसाब मांगने को लेकर पार्टनर प्रदीप चौधरी पर प्रदीप चौहान ने जानलेवा हमला करवाया था और  उस मामले में भी प्रदीप चौहान को गिरफ़्तार किया गया था ।