Road Safety Awareness: 'यातायात नियमों का पालन ही सुरक्षा की कुंजी', भिवानी में आरटीए सचिव का संदेश

भिवानी के सीबीएलयू में सेवा संकल्प अभियान के तहत सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसडीएम महेश कुमार ने छात्रों को हेलमेट बांटे।

 
RTA Secretary Mahesh Kumar

कोई भी वाहन चलाते समय यातायात के नियमों का पालन करें: महेश कुमार

सेवा संकल्प अभियान के तहत आरटीए कार्यालय द्वारा सीबीएलयू में आयोजित किया गया सडक़ सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम

एसडीएम एवं आरटीए सचिव महेश कुमार ने विद्यार्थियों को हेलमेट वितरित कर सडक़ सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

भिवानी, 13 अक्टूबर। सेवा संकल्प अभियान के तहत चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) में सडक़ सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम एवं आरटीए सचिव महेश कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान एसडीएम महेश कुमार ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को हेलमेट वितरित कर यातायात नियमों की पालना करने का आह्वïान किया।

सेवा संकल्प अभियान

आरटीए सचिव महेश कुमार ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना केवल स्वयं की जान को ही सुरक्षित नही रखता, बल्कि दूसरों की भी जान बचती है। प्रत्येक व्यक्ति को सडक़ पर चलते समय अपनी सुरक्षा के साथ अन्य वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए। आरटीए सचिव महेश कुमार ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे दोपहिया, तिपहिया या चारपहिया वाहन चलाते समय सभी यातायात नियमों का गंभीरता से पालन करें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और कार या जीप चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें।

उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल पुलिस के चालान से बचने का साधन नहीं है, बल्कि दुर्घटना के समय सिर में लगने वाली गंभीर चोट से बचाव कर जीवन की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी प्रकार चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग अवश्य करना चाहिए। तेज रफ्तार और लापरवाही सडक़ दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। थोड़ी-सी जल्दबाजी या असावधानी किसी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए गंभीर संकट का कारण बन सकती है।

सेवा संकल्प अभियान

वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल ना करें। विद्यार्थियों को यातायात संकेतों, सडक़ पर बने चिह्नों और निर्धारित नियमों की जानकारी रखनी चाहिए ताकि वे स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रख सकें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी ने भी विद्यार्थियों को सडक़ सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी दैनिक दिनचर्या में यातायात नियमों को अपनाना चाहिए और सुरक्षित यातायात व्यवहार को अपनी आदत बनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे वाहन चलाते समय धैर्य बनाए रखें। किसी भी परिस्थिति में अपनी तथा दूसरों की जान को जोखिम में न डालें।

उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा के प्रति जागरूक समाज का निर्माण करने में शिक्षण संस्थानों और विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दौरान विश्वविद्यालय के अनेक स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।