सीबीएलयू परीक्षा शाखा की कार्यप्रणाली पर एनएसयूआई का हल्ला बोल, ज्ञापन सौंप दी आंदोलन की चेतावनी
 

पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और पोर्टल की तकनीकी खामियां बढ़ा रही विद्यार्थियों की परेशानियां : लांग्यान
 
 
हरियाणा छात्र राजनीति

भिवानी, 28 अप्रैल : चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय  में व्याप्त अव्यवस्थाओं और परीक्षा शाखा की लेट-लतीफी को लेकर एनएसयूआई ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। एनएसयूआई भिवानी के जिला अध्यक्ष मनजीत लंगायन के नेतृत्व में मंगलववार को छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया। एनएसयूआई का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही सीधे तौर पर हजारों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।


     ज्ञापन के माध्यम से एनएसयूआई ने मांग की कि बढ़ाई गई फीस को तुरंत कम कर युक्तिसंगत बनाया जाए, दिसंबर 2025 की लंबित परीक्षाओं के परिणाम प्राथमिकता के आधार पर घोषित हों, डिग्री, माइग्रेशन और डीएमसी जारी करने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की जाए, विश्वविद्यालय के ऑनलाइन पोर्टल की खामियों को दूर किया जाए ताकि परीक्षा फॉर्म भरने में दिक्कत न हो, छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी और पारदर्शी मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि हालही में आदर्श महिला महाविद्यालय के बीसीए (सत्र 2023-26) प्रथम सैमैस्टर के री-अपीयर का घोषित किए गए परिणाम में गणित विषय में लगभग पूरी कक्षा को री-अपीयर घोषित किया गया। ऐसे में वे मांग करते है कि गणित विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की पुन: जांख् करवाई जाए।


      ज्ञापन में मुख्य रूप से हाल ही में विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न सेवाओं के शुल्क में की गई बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया गया। जिला अध्यक्ष मनजीत लंगायन ने कहा कि एक तरफ तो विश्वविद्यालय सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में विफल रहा है, वहीं दूसरी ओर उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी, डिग्री, डुप्लीकेट दस्तावेज और पीएचडी शुल्क में बेतहाशा वृद्धि कर छात्रों पर आर्थिक बोझ डाल दिया गया है। उन्होंने इस वृद्धि को पूरी तरह अनुचित और छात्र विरोधी करार दिया। इस दौरान छात्र संघ ने दिसंबर 2025 में आयोजित हुई यूजी और पीजी परीक्षाओं के परिणाम अब तक घोषित न होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की।


     लांग्यान ने कहा कि समय पर परिणाम न आने से छात्र उच्च शिक्षा के लिए अन्य संस्थानों में दाखिला नहीं ले पा रहे हैंरू। वही प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले छात्र अपनी डिग्री और मार्कशीट के अभाव में पिछड़ रहे हैं। यही नहीं जिन छात्रों के परिणाम आए भी हैं, उनमें भारी विसंगतियां हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए छात्रों को महीनों इंतजार करना पड़ रहा है।
       मनजीत लांग्यान ने ने आरोप लगाया कि डीएमसी, डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट जैसे आवश्यक दस्तावेज निर्धारित समय सीमा में जारी नहीं किए जा रहे हैं। छात्र दूर-दराज के इलाकों से बार-बार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इसके साथ ही पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और पोर्टल की तकनीकी खामियों ने छात्रों की मानसिक परेशानी बढ़ा दी है।
     एनएसयूआई जिला अध्यक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। हम छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह की लापरवाही को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकते। यदि बढ़ाई गई फीस वापस नहीं ली गई और लंबित परिणामों को जल्द घोषित नहीं किया गया, तो एनएसयूआई प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। इस अवसर पर भूमि सोनी, सलोनी, रिंकी, नित्या, साक्षी, वर्षा, पुष्पा, बबीता, काजल सहित अन्य पदाधिकारी व विद्यार्थी मौजूद रहे।