भिवानी में भिक्षावृत्ति के विरुद्ध मेगा रेस्क्यू ऑपरेशन : सीडब्ल्यूसी ने दलदल से निकाले गए 4 मासूम
 

भिवानी को बाल श्रम एवं भिक्षावृत्ति मुक्त बनाना है सीडब्ल्यूसी का उद्देश्य : चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर
 
 
District Child Protection Unit Bhiwani News
भिवानी, 14 मई : जिले के मासूम बच्चों को भिक्षावृत्ति और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों से मुक्त कराने के लिए जिला बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण इकाई और जिला क्राइम ब्रांच ने एक संयुक्त और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस विशेष अभियान के तहत टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों से 4 बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण में लिया है। कार्रवाई जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर व जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेंद्र कुमार के कुशल नेतृत्व में अमल में लाई गई, जिसका मुख्य उद्देश्य भिवानी को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाना और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है। रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देते हुए सीडब्ल्यूसी के सदस्य अधिवक्ता धीरज सैनी ने बताया कि बच्चों को भिक्षावृत्ति और बाल श्रम के दलदल से बाहर निकालना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस विशेष रेस्क्यू टीम में सदस्य दिनेश अत्री, नीलम रानी सहित सपोर्टिंग स्टाफ से हेमलता, दीपाली, लक्ष्मी व कपिल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए क्राइम ब्रांच की ओर से एएसआई मंजीता और एएसआई रामफल ने सक्रियता दिखाते हुए बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू करने में सफलता हासिल की। इस सफल अभियान के उपरांत जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि बच्चों का स्थान सडक़ों पर हाथ फैलाना नहीं, बल्कि स्कूल में शिक्षा ग्रहण करना है। हमारी टीम का यह रेस्क्यू ऑपरेशन केवल एक कार्रवाई नहीं, बल्कि उन मासूमों को एक नया जीवन देने का संकल्प है जो परिस्थितियों के कारण भिक्षावृत्ति की राह पर धकेल दिए गए थे। जिला बाल कल्याण समिति भिवानी में किसी भी बच्चे का शोषण बर्दाश्त नहीं करेगी। हम इन बच्चों की काउंसलिंग कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ेंगे और उनकी शिक्षा व बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि वे आमजन से भी अपील करते है कि बच्चों से भिक्षा न दिलवाएं, बल्कि उन्हें शिक्षित बनाने में सहयोग करें।