Bhiwani Bheem Stadium Upgrade: मिनी क्यूबा भिवानी में खेल प्रतिभाओं का महाकुंभ; 132 खिलाड़ियों को मिला करोड़ों का नकद पुरस्कार
पदक कुछ क्षणों में गले में डलता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपना जीवन लगा देता है: मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी
एशियाई खेलों में लोहा मनवाने वाले हरियाणा के खिलाडिय़ों का भिवानी में हुआ राज्यस्तरीय सम्मान
प्रदेश के 132 खिलाडिय़ों को 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों से किया सम्मानित
50 करोड़ रुपये की लागत से भिवानी का भीम स्टेडियम होगा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित: मुख्यमंत्री
भिवानी, 30 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पदक कुछ क्षणों में खिलाड़ी के गले में डलता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपना जीवन लगा देता है। इन पदकों के पीछे वर्षों का अभ्यास, अनगिनत त्याग और हार के बाद फिर उठ खड़े होने का हौसला है। भिवानी की धरती पर आज गूंज रही तालियां सिर्फ पदकों के लिए नहीं, बल्कि उन अनगिनत वर्षों की तपस्या, त्याग और उस अटूट संकल्प के लिए भी हैं, जिसने भारत का तिरंगा एशिया के खेल मैदानों में ऊंचा किया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को भिवानी के भीम स्टेडियम में आयोजित एशियाई खेलों एवं पैरा एशियाई खेलों के पदक विजेता खिलाडिय़ों के संयुक्त सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने भिवानी के विकास को गति देने के लिए 142 करोड़ रुपये की लागत की 8 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। इनमें 133 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत के 6 उद्घाटन तथा 8 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत के 2 शिलान्यास शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने भीम स्टेडियम में खेलों की अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए 50 करोड़ की रुपए की राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि आज इन सितारों के बीच आकर उनका मन गर्व से भर गया है। उन्होंने देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले सभी खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल खिलाडिय़ों का ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, गुरुजनों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ के त्याग एवं समर्पण का भी सम्मान है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एशियाई खेलों में भारत ने 85 पदक जीतकर चौथा स्थान प्राप्त किया। इसमें हरियाणा के खिलाडिय़ों ने 32 पदकों का योगदान दिया, जिनमें 14 स्वर्ण पदक शामिल हैं। यानी भारत के हर तीन स्वर्ण पदकों में से दो हरियाणा के खिलाडिय़ों ने जीते। इसी प्रकार, पैरा एशियाई खेलों में भारत ने 114 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हरियाणा के पैरा खिलाडिय़ों ने 9 स्वर्ण सहित 31 पदक जीते, यानी देश के लगभग 30 प्रतिशत स्वर्ण पदक हमारे पैरा खिलाडिय़ों के नाम रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों में हरियाणा के अनेक सितारे चमके। मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने स्वर्ण पदक जीते। हमारी पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजेल्सि ओलंपिक 2028 का टिकट पक्का किया और इन टीमों की ताकत में हरियाणा के खिलाडय़िों का बड़ा योगदान है। कुश्ती में भारत का यह प्रदर्शन वर्ष 1962 के बाद एशियाई खेलों में सबसे बेहतरीन रहा। पैरा खेलों में सुमित अंतिल और प्रणव सूरमा की सुनहरी जीत ने पूरे देश को रोमांचित कर दिया।

भिवानी की धरती ने भारतीय मुक्केबाजी को दी पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भिवानी की धरती पर इस समारोह का विशेष महत्व है। मिनी क्यूबा कहलाने वाले भिवानी ने भारतीय मुक्केबाजी को उसकी पहचान दी है। विजेंद्र सिंह, अखिल कुमार, जितेंद्र कुमार, नीतू घणघस, जैस्मिन लम्बोरिया, प्रीति पंवार, साक्षी चौधरी और प्रिया घणघस जैसे मुक्केबाजों ने दुनिया के मंच पर भिवानी का नाम रोशन किया है। इन सफलताओं के पीछे यहां के प्रशिक्षकों और उन परिवारों की साधना है, जिन्होंने खेतों में पसीना बहाते हुए भी बच्चों के सपनों को पंख दिए। परिस्थितियां आपकी शुरुआत तय कर सकती हैं, लेकिन आपकी मेहनत और संकल्प ही आपकी मंजिल तय करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की खेल शक्ति किसी एक जिले या खेल तक सीमित नहीं है। कुश्ती, मुक्केबाजी, हॉकी, कबड्डी, एथलेटिक्स, शूटिंग और तीरंदाजी से लेकर पैरा खेलों तक हमारे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं। हमारी बेटियां भी हर मैदान में आगे बढ़ रही हैं, पदक जीत रही हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
132 खिलाडय़िों को 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 132 खिलाडिय़ों को कुल 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है। साथ ही, पात्र खिलाडिय़ों को हरियाणा की खेल नीति के अनुसार सरकारी नौकरियों के ऑफर लेटर भी दिए जा रहे हैं। खिलाड़ी जब देश का मान बढ़ाता है, तो देश और प्रदेश का भी दायित्व है कि उसके सम्मान, सुरक्षित भविष्य और सपनों की चिंता करें। हमारा स्पष्ट संकल्प है कि ऐसे हर खिलाड़ी को सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और आगे बढऩे के अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाडियों को ग्रुप-ए, बी और सी की सरकारी नौकरियां दी गई हैं। हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया गया है, जिसके तहत हरियाणा स्टेट गेम्स में भाग लेने वाले खिलाडय़िों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा। इससे उन्हें सरकारी नौकरियों सहित अन्य अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए खिलाडय़िों को अग्रिम राशि देने का प्रावधान भी किया गया है, ताकि पैसे की कमी किसी खिलाड़ी की ट्रेनिंग में बाधा न बने।
17 हजार 676 खिलाडिय़ों को अब तक 931 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाडिय़ों के योगदान का सम्मान केवल पदक जीतने पर पुरस्कार देने तक सीमित नहीं है। अवार्ड विजेता खिलाडिय़ों के मासिक मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। अब खेल रत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद तथा तेनजिंग नोर्गे पुरस्कार विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये और भीम अवार्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है। आज के पुरस्कारों को मिलाकर अब तक प्रदेश के 17 हजार 676 खिलाडिय़ों को कुल 931 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी खिलाड़ी सीधे पोडियम तक नहीं पहुंचता। उसकी यात्रा गांव की मिट्टी, स्कूल के मैदान और शुरुआती अभ्यास से शुरू होती है। इसी प्रतिभा को समय रहते पहचानने और तराशने के लिए प्रदेश में 2 हजार खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। इनमें 8 से 14 वर्ष के खिलाडय़िों को 1 हजार 500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के खिलाडय़िों को 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। इसके अलावा, 25 आवासीय खेल अकादमियां खोली गई हैं, जहां खिलाडय़िों को प्रतिदिन 500 रुपये की दर से डाइट मनी दी जा रही है।
खेलों के बुनियादी ढांचे पर खर्च किए 1 हजार 100 करोड़ रुपये
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खिलाडिय़ों को विश्वस्तरीय प्रदर्शन के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं भी चाहिए। पिछले 12 वर्षों में खेलों के बुनियादी ढांचे पर लगभग 1 हजार 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। खेल विभाग का बजट वर्ष 2013-14 के 163 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 668 करोड़ 42 लाख रुपये किया गया है। खिलाडय़िों को चोट से उबरने और बेहतर प्रदर्शन के लिए वैज्ञानिक सुविधाएं देने हेतु पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से ए-स्टार उन्नत वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है। यह केंद्र खिलाडय़िों के प्रशिक्षण और रिकवरी को नई मजबूती प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खेल केवल शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि तकनीक, विज्ञान और रणनीति का भी मुकाबला है। वीडियो विश्लेषण, आधुनिक सेंसर, खेल-विज्ञान, सही पोषण और वैज्ञानिक रिकवरी खिलाडय़िों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। पैरा खिलाडय़िों के लिए आधुनिक कृत्रिम अंग, अनुकूलित उपकरण और सुलभ प्रशिक्षण सुविधाएं नई संभावनाएं खोलती हैं। सरकार का प्रयास है कि ये सुविधाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर मेहनती खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने खेलों को जनभागीदारी और राष्ट्रनिर्माण का माध्यम बनाने पर जोर दिया है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों ने देश में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को आगे आने के अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार खेल नर्सरियों, प्रशिक्षण सुविधाओं, प्रशिक्षकों और खिलाडय़िों के प्रोत्साहन को मजबूत कर रही है।
हरियाणा का हर युवा मैदान से जुड़े, नशे से नहीं
मुख्यमंत्री ने युवा खिलाडिय़ों का आह्वान करते हुए कहा कि आज उनकी उपलब्धियां एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आई हैं। वे केवल पदक विजेता नहीं, बल्कि उन हजारों बच्चों के आदर्श हैं, जो उन्हें देखकर खेलों में अपना भविष्य तलाशते हैं। उनकी सफलता बच्चों को विश्वास दिलाती है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। खेल का मैदान अनुशासन सिखाता है और नशे से दूर रखता है। आइए, संकल्प लें कि हरियाणा का हर युवा मैदान से जुड़ेगा, नशे से नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन बाद हरियाणा अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे करेगा और खिलाडिय़ों से बड़ा उपहार प्रदेश को कोई नहीं दे सकता। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी हरियाणा के खिलाडिय़ों का लोहा मानते हैं। जुलाई में जींद की धरती से उन्होंने विश्वास जताया था कि हरियाणा के बेटे-बेटियां हमेशा की तरह हर मंच पर परचम लहराएंगे। वर्ष 2030 में भारत राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा और 2036 के ओलंपिक की तैयारी में जुटा है। प्रधानमंत्री जी की इस उम्मीद को पूरा करने की जिम्मेदारी खिलाडिय़ों के कंधों पर है और उन्हें हर सुविधा देने की जिम्मेदारी सरकार की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक में भी हरियाणा के खिलाड़ी भारत का तिरंगा ऊंचा करेंगे और प्रदेश का मान बढ़ाएंगे।
खिलाड़ी प्रदेश का गौरव और सरताज, उनकी उपलब्धियां दूसरे युवाओं के लिए बनेंगी प्रेरणा: श्रुति चौधरी
सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि भिवानी का भीम स्टेडियम केवल खेलों का मैदान नहीं, बल्कि उनके परिवार की यादों और क्षेत्र की खेल परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। उनके पिता चौधरी श्री सुरेंद्र सिंह ने इस स्टेडियम की आधारशिला रखी थी और वे यहां सुबह अभ्यास के लिए आया करते थे। आज इस स्टेडियम को खिलाडिय़ों ने अपनी मेहनत और उपलब्धियों से नई पहचान दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का भिवानी की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि यहां के खिलाडय़िों ने अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर ग्रामीण स्तर से उठकर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन खिलाडय़िों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है।
श्रुति चौधरी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि भीम स्टेडियम का और विस्तार किया जाए तथा यहां खिलाडिय़ों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि यहां के खिलाड़ी पहले ही अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं और अब वे दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।
खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब, हरियाणा के खिलाडिय़ों ने बदली पुरानी कहावत: गौरव गौतम
खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के खिलाडय़िों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से पुरानी कहावत को बदलकर रख दिया है। पहले कहा जाता था कि पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब और खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब, लेकिन आज हरियाणा के खिलाडय़िों ने साबित कर दिया है कि खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब। प्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का तिरंगा लहरा रहे हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
खेल राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा के खेल इतिहास में पहली बार एक ही दिन में खिलाडय़िों को करोड़ों रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जा रहा है। खिलाडिय़ों को ए, बी और सी ग्रेड की सरकारी नौकरियां देने का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाडिय़ों के बीच कोई भेदभाव नहीं करती, बल्कि सभी को समान सम्मान और प्रोत्साहन दे रही है।

श्री गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मिशन ओलंपिक 2036 के तहत हरियाणा के खिलाडिय़ों के लिए 36 पदक जीतने का लक्ष्य रखा है। हरियाणा ऐसा पहला राज्य है, जिसने इस लक्ष्य को लेकर विशेष योजना शुरू की है। प्रदेश सरकार खिलाडिय़ों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पांच लाख रुपये तक की सहायता, 20 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, बेहतर कोचिंग और डाइट मनी जैसी सुविधाएं दे रही है। साथ ही खिलाडय़िों को पांच करोड़ रुपये तक के सब्सिडी वाले ऋण देने की व्यवस्था भी की जा रही है।
सांसद चौ. धर्मबीर सिंह ने कहा है कि सरकार की खेल नीति का परिणाम है कि प्रदेश के खिलाड़ी दुनिया मे देश का नाम रोशन कर रहे हैं। कॉमनवेल्थ खेलों में देश में आए कुल गोल्ड मेडल में 50 फीसदी गोल्ड प्रदेश के खिलाडिय़ों ने जीते हैं। एशियन खेलों में देश के खिलाडिय़ों ने कुल 21 गोल्ड मेडल जीते जिनमें 14 गोल्ड हरियाणा के हैं। बड़ी फक्र की बात है कि लड़कियों ने इसमें कमाल किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की खेल नीति के चलते जिन महिला खिलाडिय़ों की शादी अन्य राज्यों में हो जाती है वो भी हरियाणा से ही खेलना चाहती हैं। सांसद ने कहा कि हरियाणा की खेल नीति इतनी बेहतर है कि देश के अन्य राज्यों को भी इसका अनुसरण करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में व प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी है, खेलों के बजट को कई गुणा बढाई है और खिलाडिय़ों को केस अवार्ड दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खेल प्रेमी हैं और खेलों को बढ़ावा देने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि आज देश की किसी ट्रेन में सफर कर लें ज्यादातर टीटी हरियाणा और विशेषकर भीम स्टेडियम की देन हैं। उन्होंने कहा कि करीबन 50-55 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल के समय में भीम स्टेडियम का निर्माण किया गया था। खिलाडिय़ों ने भीम स्टेडियम के माध्यम से ही प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि स्टेडियम के पुराने भवन के स्थान पर नए भवन का निर्माण व स्टेडियम में सुविधाओं को भी बढ़ाएं जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी स्वयं खेलों में रूचि रखते हैं, भीम स्टेडियम की इस मांग को जरूर पूरा करने का कष्ट करें। सांसद ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जारी 24 वीं किसान सम्मान निधि का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की भी सोच है कि प्रदेश का किसान समृद्ध हो। प्रदेश की कृषि नीति का भी अन्य राज्य अनुसरण कर रहे हैं।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा, भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ, बवानी खेड़ा से विधायक कपूर वाल्मीकि, बाढड़ा के विधायक उमेद पातुवास, पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल, शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एडवोकेट शंकर लाल धूपड़, भाजपा जिला प्रधान वीरेंद्र कौशिक, खेल विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, खेल विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता, डीसी साहिल गुप्ता, एसपी मयंक मिश्रा, मुख्यमंत्री के ओएसडी विरेंद्र बडख़ालसा, मोहित चौधरी, भाजपा जिला प्रभारी अरविंद यादव, वाइस चेयरमैन हरियाणा महिला आयोग की वाईस चेयरमैन मीना परमार, हरियाणा बाल संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण, माटी कला बोर्ड हरियाणा के अध्यक्ष अनूप प्रजापति, सीबीएलयू कुलगुरु दीप्ति धर्माणी, डीएसओ विद्यानंद यादव, ठॉ. विक्रम सिंह, नंदराम धानिया, संदीप श्योराण, सुधीर चांदवास, पंकज शर्मा, परमजीत मड्डïू,दिलबाग नीमड़ी, सहित अनेक खिलाड़ी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने भिवानी को दी 142 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात
आठ विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को भिवानी के ऐतिहासिक भीम स्टेडियम में एशियन और पैरा एशियाई खिलाडय़िों के सम्मान में आयोजित प्रदेश स्तरीय समारोह कार्यक्रम के दौरान 142 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 8 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 133 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से पूरी हुई 6 परियोजनाओं का उद्घाटन तथा 8 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक की लागत से होने वाले 2 विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री सैनी ने जिन प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन किया, उनमें चरखी दादरी रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के उपचारित पानी का सिंचाई के लिए उपयोग करने की परियोजना शामिल है। इस परियोजना पर 84 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। इसके माध्यम से उपचारित जल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ-साथ सिंचाई के लिए जल संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे गांव प्रहलादगढ़, नीमड़ीवाली, हालुवास, ढाना नरसान, धिराना कला गांवों को सीधा लाभ होगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने रेवाड़ी-बठिंडा रेलवे लाइन पर 26 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित ऊपरगामी पुल का भी उद्घाटन किया। इस पुल के शुरू होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने 7 करोड़ 47 लाख रुपये से अधिक की लागत से निर्मित सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्कूल के सीनियर सेकेंडरी विंग में लैब का उद्घाटन किया। वहीं, बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 4 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित 33 केवी सब स्टेशन केरू, 7 करोड़ 23 लाख रुपये की लागत से निर्मित भाखड़ा तथा 4 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से निर्मित ईश्वरवाल-2 सब स्टेशन का भी उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने तोशाम में खंड कार्यालय भवन तथा गांव बामला में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया। तोशाम में खंड कार्यालय भवन के निर्माण पर 4 करोड़ 14 लाख रुपये तथा बामला में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर 4 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की लागत आएगी। इन भवनों के निर्माण से प्रशासनिक कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।