बाल कल्याण समिति भिवानी की एक और बड़ी उपलब्धि
सीडब्ल्यूसी और जीआरपी पुलिस ने चार राज्यों में चलाया था सर्च अभियान, कार्रवाई के बाद माता-पिता को सौंपा : अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर
भिवानी, 21 जुलाई : जिला बाल कल्याण समिति भिवानी (सीडब्ल्यूसी)ने अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता, त्वरित कार्रवाई और उत्कृष्ट तालमेल का एक और मानवीय उदाहरण पेश किया है। भिवानी बाल कल्याण समिति व जीआरपी पुलिस के संयुक्त प्रयासों से रास्ता भटक कर भिवानी पहुंचे एक मासूम बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार से मिला दिया गया है। सीडब्ल्यूसी के सदस्य अधिवक्ता धीरज सैनी ने बताया कि बीते 9 जुलाई को राजकीय रेलवे पुलिस भिवानी की महिला हेड कांस्टेबल सुनील कुमारी और हेड कांस्टेबल मोनिया को यह बच्चा संदिग्ध अवस्था में मिला था। जीआरपी पुलिस ने तुरंत बच्चे को संरक्षण में लेकर जिला बाल कल्याण समिति भिवानी के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में बच्चा अपना सही घर का पता बताने में असमर्थ था। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए बाल कल्याण समिति भिवानी और जीआरपी की टीम ने हार नहीं मानी। बालक के परिजनों की खोज के लिए राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात राज्यों की सी.डब्ल्यू.सी. व पुलिस तंत्र के माध्यम से विशेष प्रयास और समन्वय स्थापित किया गया। निरंतर प्रयासों के बाद आखिरकार उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के अहमदगढ़ क्षेत्र में बालक के माता-पिता का पता लगाने में सफलता हासिल हुई। इसके बाद समिति द्वारा तुरंत परिजनों से संपर्क कर उन्हें भिवानी बुलाया गया। इस सफलता पर बाल कल्याण समिति भिवानी के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि बाल कल्याण समिति भिवानी का मुख्य ध्येय हर बच्चे के अधिकारों की रक्षा करना और संकटग्रस्त या बिछड़े हुए बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। जब यह बच्चा समिति के समक्ष आया, तो वह सही पता बताने की स्थिति में नहीं था। हमारी टीम और जीआरपी भिवानी ने इसे चुनौती के रूप में लिया और चार अलग-अलग राज्यों यूपी, एमपी, राजस्थान, गुजरात के नेटवर्क से तालमेल बिठाकर बच्चे के माता-पिता की तलाश की। अधिवक्ता तंवर ने कहा कि यूपी के बुलंदशहर में परिजनों का सुराग मिलते ही उन्हें सूचित किया गया। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई को पूरा करने के बाद बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है। अपने बच्चे को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों की आंखों में जो खुशी के आंसू थे, वही हमारी टीम की सबसे बड़ी पूंजी और सफलता है। बालक को सुरक्षित अपने साथ ले जाते समय परिजनों ने बाल कल्याण समिति भिवानी के चेयरमैन एडवोकेट प्रदीप सिंह तंवर, सदस्य एडवोकेट धीरज सैनी, सतेंद्र तंवर, दिनेश अत्री, नीलम रानी, जीआरपी की महिला हेड कांस्टेबल सुनील कुमारी व मोनिया तथा सीडब्ल्यूसी स्टाफ लक्ष्मी, हेमलता, दीपाली, रिंकू तरुण, सुरेंद्र सहित पूरी टीम का आभार प्रकट किया।

