- शिकायतों के समाधान में कोताही ना बरतें अधिकारी: डीसी साहिल गुप्ता
- छोटी-छोटी शिकायतों का भी समय पर समाधान ना होने से होती है सरकार और प्रशासन की छवि खराब: डीसी
- सीएम विंडो और समाधान शिविरों की समीक्षा बैठक में डीसी साहिल गुप्ता ने दिए अधिकारियों को सख्त निर्देश
भिवानी, 20 मई। डीसी साहिल गुप्ता ने जिलाधिकारियों को स्पष्टï एवं सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सीएम विंडो पोर्टल और समाधान शिविर में आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के साथ-साथ समयबद्घ ढंग से त्वरित समाधान करें। शिकायतों का समाधान करने में किसी प्रकार की कोताही ना बरतें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को लिखा जाएगा। डीसी श्री गुप्ता लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में सीएम विंडो पोर्टल और समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में प्रवर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार, एडीसी दीपक बाबू लाल करवा और नगराधीश अनिल कुमार भी मौजूद रहे।
डीसी श्री गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिकारी सीएम विंडो पोर्टल को प्रतिदिन खोल कर देंखे और अंडरटेक जरूर करें। पोर्टल पर शिकायत के संबंध में एटीआर स्पष्ट रूप से भरें। एटीआर स्प्ष्टï ना होने पर भी शिकायत फिर से रीओपन हो जाती हैं। सीएम विंडो पोर्टल और समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों को अपने पास रखने की बजाय उनका समाधान करें। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी शिकायतों का भी समय पर समाधान ना होने से जहां एक तरफ नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, वहीं दूसरी ओर सरकार और प्रशासन की छवि खराब होती है। ऐसे में अधिकारी गंभीरता के साथ काम करें।
डीसी ने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए ही सरकार ने प्रत्येक सोमवार व वीरवार को जिला मुख्यालय और उपमंडल स्तर पर सुबह दस बजे से 12 बजे तक समाधान शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें नागरिकों की समस्याएं सुनी जाती हैं। इसी प्रकार से सीएम विंडो पोर्टल पर नागरिकों की शिकायतें सुनी जाती हैं। उन्होंने कहा कि सीएम विंडो पोर्टल और समाधान शिविर कारगर साबित हो रहे हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने भी वीसी के माध्यम से चंडीगढ़ से प्रदेशभर के सभी उपायुक्तों को सीएम विंडो पोर्टल और समाधान में शिविर में आने वाली शिकायतों का अतिशीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि नागरिकों के अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर कटाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा बैठक में जिला वन राजिक अधिकारी डॉ. राजेश वत्स, जिला परिषद के डिप्टी सीईओ रविंद्र दलाल, जिला राजस्व अधिकारी राज कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सोमबीर कादयान, सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य, तहसीलदार जयबीर सिंह, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. विनोद फौगाट, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया, नगर परिषर ईओ राजाराम और एडीए अरूण कुमार, जिला खेल अधिकारी विद्यानंद यादव, सीएम विंडो एमीनेंट पर्सन शिव कुमार पराशर, नरेंद्र ग्रेवाल, अजीत शेखावत ओर अनिल सोलंकी के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

