जल जीवन मिशन-02 के तहत जनस्वास्थ्य और सिंचाई विभाग सामंजस्य बनाकर कार्य करें: डीसी
- समीक्षा बैठक में डीसी साहिल गुप्ता ने दिए निर्देश
- वीसी के माध्यम से जल जीवन मिशन-02 के केंद्रीय निदेशक अशोक केके मीना ने भी अधिकारियों से ली कार्रवाई की जानकारी
- वीसी के माध्यम से जल जीवन मिशन-02 के केंद्रीय निदेशक अशोक केके मीना ने भी अधिकारियों से ली कार्रवाई की जानकारी
May 22, 2026, 15:42 IST
भिवानी, 22 मई। डीसी साहिल गुप्ता ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सिंचाई विभाग, पंचायत एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जल जीवन मिशन-02 के तहत दिए लक्ष्य को निर्धारित समय में पूरा करें। लोगों के घरों में नल से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के साथ-साथ लोगों को पानी की एक-एक बूंद बचाने और स्वच्छता के लिए जागरूक करें। डीसी श्री गुप्ता लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में जल जीवन मिशन-02 के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से सचिव एवं जल जीवन मिशन के निदेशक अशोक केके मीना ने भी वीसी के माध्यम से जल जीवन मिशन अभियान में गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्थाओं को सेवा उपयोगिता दृष्टिकोण से देखें ताकि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल मुहैया हो सके। इसके साथ ही सुजलाम भारत पोर्टल के माध्यम से सभी जलापूर्ति योजनाओं की डिजिटल मैपिंग, ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा डेटा अपडेट नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डीसी ने जलघरों, ट्यूबवेलों, फिल्टर यूनिटों एवं वितरण प्रणाली की कार्यक्षमता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया जाए। तकनीकी खराबी का त्वरित समाधान करें। जल गुणवत्ता की नियमित जांच, क्लोरीनेशन एवं स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखें। अत्यधिक गर्मी के चलते संवेदनशील क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें।
इस दौरान नगराधीश अनिल कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सोमबीर कादयान, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता कपिल देव, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता अनुराग गोयल, जल संरक्षण के जिला सलाहकार अशोक भाटी और स्वच्छ भारत ग्रामीण के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश नहरा भी मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्थाओं को सेवा उपयोगिता दृष्टिकोण से देखें ताकि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल मुहैया हो सके। इसके साथ ही सुजलाम भारत पोर्टल के माध्यम से सभी जलापूर्ति योजनाओं की डिजिटल मैपिंग, ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा डेटा अपडेट नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डीसी ने जलघरों, ट्यूबवेलों, फिल्टर यूनिटों एवं वितरण प्रणाली की कार्यक्षमता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया जाए। तकनीकी खराबी का त्वरित समाधान करें। जल गुणवत्ता की नियमित जांच, क्लोरीनेशन एवं स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखें। अत्यधिक गर्मी के चलते संवेदनशील क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें।
इस दौरान नगराधीश अनिल कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सोमबीर कादयान, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता कपिल देव, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता अनुराग गोयल, जल संरक्षण के जिला सलाहकार अशोक भाटी और स्वच्छ भारत ग्रामीण के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सतीश नहरा भी मौजूद रहे।

