Stubble Burning Ban Bhiwani: डीसी साहिल गुप्ता के सख्त निर्देश, पराली जलाने पर लगेगा भारी जुर्माना और दर्ज होगी एफआईआर

भिवानी में डीसी साहिल गुप्ता ने दिए निर्देश, पराली जलाने पर 30 हजार तक जुर्माना, एफआईआर और एमएसपी पर प्रतिबंध का प्रावधान।
 
crop residue management Haryana

किसानों को जागरूक करें ताकि वे फसल अवशेषों/ पराली में आग ना लगाएं: डीसी

भिवानी, 25 सितंबर। डीसी साहिल गुप्ता ने कृषि और पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को जागरूक करें ताकि वे फसल अवशेषों/ पराली में आग ना लगाएं। इसके साथ ही ग्रामीणों को बताएं कि खेतों की सातों दिन 24 घंटे सैटेलाइट से निगरानी की जा रही है। यदि किसी भी जगह फसल अवशेषों/ पराली में आग लगाई जाती है तो उसकी उसी समय पहचान हो जाएगी। निगरानी के लिए 164 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, खेतों पर चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखेंगे। जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है।

स्थानीय डीआरडीए सभागार में आयोजित संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक में कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि संयुक्त एनफोर्समेंट टीमें गांवों का दौरा करें। इसी प्रकार से उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कहीं पर पराली जलाने की घटना होती है तो इसकी सूचना तुरंत प्रभाव से जिला मुख्यालय पर आनी चाहिए। किसी प्रकार की लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी पर कार्रवाई होगी।

डीसी ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को इस बारे में जागरूक करें कि यदि वे पराली या फसल अवशेषों में आग लगाते हैं तो सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत 5000 से 30000 रुपये तक का जुर्माना, एफआईआर, मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री दर्ज करने के साथ-साथ आगामी दो वर्षों तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का कड़ा प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि उपकरणों से फसल अवशेष प्रबंधन करने बारे जागरूक करने के निर्देश दिए।

वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीसी के माध्यम से प्रदेशभर के जिलाधिकारियों को किसानों द्वारा फसल अवशेष न जलाने को लेकर जरूरी निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. राजेश सिहाग, जिला परिषद के डिप्टी सीईओ रविंद्र दलाल, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया व पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ डॉ. सचिन कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।