जिला बार एसोसिएशन भिवानी के चुनाव की सुगबुगाहट हुई तेज
भिवानी, 03 जुलाई : जिला बार एसोसिएशन भिवानी के आगामी वार्षिक चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कोर्ट परिसर में चुनावी रंग जमने लगा है। आगामी 11 सितंबर को होने वाले इस चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच बैठकों और मुलाकातों का दौर बेहद तेज हो गया है। उम्मीदवार और उनके समर्थक अब खुलकर मैदान में उतर आए हैं और एक-दूसरे का मन टटोलने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। अदालती कार्यवाही के बीच अब अधिवक्ताओं का पूरा ध्यान चुनाव पर केंद्रित है। बार रूम से लेकर चैंबरों तक, हर तरफ बस चुनाव की ही चर्चा है। अधिवक्ता एक-दूसरे के झुकाव और वोटिंग का मिजाज जानने के लिए चाय के बहाने मुलाकातों का दौर बढ़ा रहे हैं। चाय की थडिय़ों और चैंबरों में होने वाली इन अनौपचारिक बैठकों में इस बात का आकलन किया जा रहा है कि किस उम्मीदवार पर कितने अधिवक्ताओं का कितना भरोसा है और किसका पलड़ा भारी रहने वाला है।
इस बार के चुनाव में सबसे ज्यादा उत्सुकता और चर्चा इस बात को लेकर है कि कौन सी सीट महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित होगी। इस सस्पेंस ने चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे कई दिग्गज पुरुष उम्मीदवारों की धडक़नें बढ़ा दी हैं। इस चुनावी माहौल और असमंजस पर अपनी बात रखते हुए अधिवक्ता पवन गौतम ने कहा कि महिलाओं की सीट को लेकर अभी तक पूरी तरह से सस्पेंस बना हुआ है। चुनाव लडऩे की इच्छा रखने वाले तमाम अधिवक्ताओं के मन में इस बात का डर सता रहा है कि वे अपनी तैयारी तो पूरे जोरों-शोरों से कर लें, लेकिन कहीं ऐन वक्त पर वह सीट महिला के लिए आरक्षित न घोषित हो जाए। इस असमंजस के कारण कई प्रत्याशी खुलकर अपनी दावेदारी पेश करने से कतरा रहे हैं।
एक तरफ जहां पुरुष उम्मीदवारों में आरक्षण को लेकर डर का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ महिला अधिवक्ताओं में भारी खुशी और उत्साह देखा जा रहा है। महिला वकीलों का मानना है कि आरक्षण के नियम के तहत कम से कम एक सीट पर महिला उम्मीदवार की जीत पूरी तरह तय है, जिससे बार एसोसिएशन के प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होगी। इस मौके पर योगेंद्र भालोठिया, अनिल साहु, सुरेंद्र सिंह तंवर, नागेंद्र सिंह तंवर, गौतम, मनोज तंवर आदि अधिवक्तागण मौजूद रहे।
फोटो : अधिवक्ता मुकेश गुलिया के चैंबर पर चुनावी

