- रक्तदान से बडा कोई दान नहीं : सेशन जज डॉ. गगनदीप कौर सिंह
- जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने जेल का औचक निरीक्षण कर लिया जेल बंदियों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा
Jun 12, 2026, 16:31 IST
भिवानी, 12 जून। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह तथा सीजेएम-कम-सचिव पवन कुमार ने शुक्रवार को स्थानीय जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल बंदियों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लेकर संबधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने जिला जेल परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का रिबन काटकर शुभारंभ करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है, इससे बढक़र कोई दान नही है।
डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति को रक्त की कमी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समय-समय पर ऐसे सामाजिक एवं जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिनसे समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। रक्तदान शिविर भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
औचक निरीक्षण के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जेल में बंद कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों को निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर जेल प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति को रक्त की कमी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समय-समय पर ऐसे सामाजिक एवं जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिनसे समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा मिलता है। रक्तदान शिविर भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
औचक निरीक्षण के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जेल में बंद कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों को निर्धारित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर जेल प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

