Bhiwani Health Department News: भिवानी की 165 पंचायतें और वार्ड टीबी मुक्त अभियान में शामिल, निक्षय मित्र बनने की अपील
भिवानी में सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य की अध्यक्षता में जिला टीबी फोरम की बैठक हुई। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीजों के समय पर उपचार और पोषण सहायता पर जोर दिया गया।
जनभागीदारी से टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी गति: डॉ. रघुबीर शांडिल्य
डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में जिला टीबी फोरम की बैठक आयोजित, मरीजों की पहचान, समय पर उपचार और पोषण सहायता पर जोर
भिवानी,14 अक्टूबर। स्थानीय लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए सभागार में डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिला टीबी फोरम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने की। बैठक में डॉ. शांडिल्य ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी विभागों और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर कार्य करना होगा। अभियान को वर्ष 2026-27 तक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक संभावित मरीज की पहचान, समय पर जांच और पूरा उपचार सुनिश्चित किया जाए।
डॉ. शांडिल्य ने कहा कि लंबे समय तक खांसी, बुखार, भूख कम लगना और अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करवानी चाहिए। टीबी मरीज के संपर्क में आए परिवार के सदस्यों की भी स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार जांच और निवारक उपचार करवाया जाए। उन्होंने एमडीआर टीबी के मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने तथा मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करने की अपील की। गांवों में सरपंचों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामुदायिक स्वयंसेवकों की मदद से संभावित मरीजों की जांच व उपचार करवाएं।
जिला टीबी उन्मूलन नोडल अधिकारी डॉ. सुमन विश्वकर्मा ने निक्षय मित्र पहल के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि 9 सितंबर 2022 को शुरू की गई। इस पहल का उद्देश्य टीबी मरीजों की पहचान, उपचार में सहयोग और पोषण सहायता के माध्यम से टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूत करना है। निक्षय पोर्टल पर मरीजों का पंजीकरण कर उनके उपचार की निगरानी की जाती है। उन्होने कहा कि साधन संपन्न लोग निक्षय मित्र बनने के लिए आगे आएं।

उन्होंने कहा कि जिन औद्योगिक प्रतिष्ठानों/कार्यस्थलों में 500 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, वहां टीबी वर्कशॉप कमेटी का गठन किया जाए। वहीं, जिन प्रतिष्ठानों/कार्यस्थलों में 500 से कम श्रमिक कार्यरत हैं, वहां टीबी संबंधी गतिविधियों के समन्वय एवं जागरूकता के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए।
बैठक में टीबी मुक्त पंचायत एवं वार्ड अभियान की प्रगति की जानकारी साझा की गई। प्रस्तुत डॉ. सुमन ने बताया कि वर्ष 2023 में जिला की 59 पंचायतों को कांस्य श्रेणी में तथा वर्ष 2024 में 116 पंचायतों को उपलब्धि प्राप्त हुई, जिनमें 41 रजत एवं 75 कांस्य श्रेणी शामिल हैं। वर्ष 2025 में जिले की 153 पंचायतों एवं 12 वार्डों, कुल 165 पंचायतों एवं वार्डों का उल्लेख टीबी मुक्त पंचायत/वार्ड अभियान के अंतर्गत किया गया। उन्होंने बताया कि टीबी का कारगर उपचार किया जा रहा है।
बैठक में सभी संबंधित विभागों को स्कूलों, कॉलेजों, कारागार, औद्योगिक इकाइयों, कार्यस्थलों और शहरी स्थानीय निकायों में जागरूकता एवं स्क्रीनिंग शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। बैंक, उद्योगपति और सामाजिक संगठन सीएसआर के माध्यम से पोषण किट एवं अन्य सहायता उपलब्ध करवाने में सहयोग करें। बैठक में माई भारत और एनसीसी स्वयंसेवकों को जागरूकता अभियान से जोडऩे तथा टीबी मुक्त भारत ऐप के प्रति लोगों को जागरूक करने को कहा।
समीक्षा बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सोमबीर कादयान, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया, डॉ अन्नु चौधरी, डॉ. नसीब, डॉ. कपिल यादव, डॉ. पूजा, निक्षय मित्रा सुरेंद्र संभ्रवाल, डॉ. दीपांशु शर्मा सहित सभी संबंधित विभागों से प्रतिनिधि अधिकारी मौजूद रहे।