- खाद्य पदार्थों में मिलावट करने पर एडीसी ने पांच मामलों में लगाया एक लाख 38 हजार 995 रुपए जुर्माना
 

- खाद्य पदार्थों में मिलावट करना गैर कानूनी होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है: एडीसी दीपक बाबू करवा
 
 
खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम

भिवानी, 23 जून। एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई की। उन्होंने केसों की सुनवाई करते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं नियमों के उल्लंघन के दोषी पाए गए कारोबारियों पर जुर्माना लगाया। एडीसी ने सुनवाई के दौरान पांच विभिन्न मामलों में कुल एक लाख 38 हजार 995 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
  एडीसी श्री करवा ने  सुनवाई के दौरान भिवानी शहर स्थित ओम मिष्ठान भंडार का खाद्य पदार्थ नमूना सब-स्टैंडर्ड पाए जाने पर 49,999 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं कशिश डेयरी एंड मिष्ठान भंडार, दादरी गेट भिवानी, को बिना पंजीकरण कारोबार संचालित करने के मामले में 2,999 रुपये तथा बटेली टी कंपनी, हालू बाजार भिवानी को बिना लाइसेंस कार्य करने पर 5,999 रुपये का जुर्माना किया गया।
इसके अलावा शिव पनीर भंडार, शांति नगर भिवानी के प्रतिष्ठान से लिया गया नमूना सब-स्टैंडर्ड पाए जाने पर 49,999 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी प्रकार बुधराम बेसन वाले, हालू बाजार चौक का खाद्य पदार्थ नमूना मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर 29,999 रुपये का जुर्माना किया गया।
एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करना गैर कानूनी होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से निर्धारित मानकों का पालन करने तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने की अपील की।