आत्मा की शुद्धि और नगर कल्याण का मार्ग है नगर परिक्रमा : चरणदास महाराज
 

Bhiwani Nagar Parikrama: हनुमान जोहड़ी मंदिर धाम की नगर परिक्रमा के 400 दिन पूरे। बालयोगी महंत चरणदास महाराज के सान्निध्य में भिवानी बनी 'छोटी काशी', उमड़े हजारों श्रद्धालु।

 
Adhai Kosi Parikrama Bhiwani Importance
भिवानी, 16 मई : छोटी काशी के नाम से विख्यात भिवानी नगरी में इन दिनों भक्ति, आस्था और संस्कृति का एक बेहद अनूठा और अलौकिक संगम देखने को मिल रहा है। स्थानीय हनुमान जोहड़ी मंदिर धाम परिवार द्वारा युवा जागृति एवं जनकल्याण मिशन ट्रस्ट के बैनर तले और बालयोगी महंत चरणदास महाराज के सान्निध्य में चलाई जा रही नगर परिक्रमा ने सफलता का एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। इस ऐतिहासिक नगर परिक्रमा के गौरवमयी 400 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार को शहर में एक विशाल और भव्य नगर परिक्रमा निकाली गई, जिसमें पूरी भिवानी धर्मनगरी भक्ति के रंग में सराबोर नजर आई। इस दौरान अनेक श्रद्धालुओं ने बालयोगी महंत चरणदास महाराज का अभिनंदन किया तथा इस अनूठे प्रयास के लिए आर जताया।
     शनिवार को आयोजित हुई इस विशाल परिक्रमा का नजारा बिल्कुल उत्तर प्रदेश के पावन धाम मथुरा और वृंदावन जैसा प्रतीत हो रहा था। परिक्रमा में उमड़े अनेक श्रद्धालु भक्ति गीतों और भजनों की सुरीली धुन पर झूमते, नाचते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। चारों तरफ गूंजते जयघोष और सुसज्जित नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। इस दौरान शहरवासियों ने जगह-जगह बालयोगी महंत चरणदास महाराज का भव्य अभिनंदन किया और भिवानी को इस आध्यात्मिक सूत्र में पिरोने के उनके इस भगीरथ प्रयास के लिए आभार जताया।
     इस पावन अवसर पर उपस्थित विशाल श्रद्धालु समूह को संबोधित करते हुए बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने कहा कि यह नगर परिक्रमा केवल एक शारीरिक यात्रा या पैदल चलना मात्र नहीं है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि और हमारे पूरे नगर के कल्याण का एक पवित्र मार्ग है। जिस प्रकार ब्रज भूमि में गोवर्धन और चौरासी कोस की परिक्रमा का विशेष महत्व है, ठीक उसी तर्ज पर भिवानी की यह अढाई कोसी परिक्रमा आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस अनवरत यात्रा का मुख्य उद्देश्य भिवानी में सुख, शांति और समृद्धि का वास होना तो है ही, साथ ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी, यानी हमारी युवा पीढ़ीमें उच्च संस्कारों का सिंचन करना भी है। जब युवा शक्ति अपनी संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ेगी, तभी एक सशक्त और कल्याणकारी समाज का निर्माण होगा। यह यात्रा इसी संकल्प के साथ निरंतर जारी है। इस अवसर पर संजय मोडा सूरत, राधे श्याम मोडा सूरत, अमित गोयल, राजीव मित्तल, सुनील गर्ग, संजय गुप्ता, ओमबीर कौशिक, अधिवक्ता रविन्द्र कुमार, संजय वर्मा, डा. प्रवीण कुमार, मोहित, अक्षय, रेणु बाला, ज्योति सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।