मीटिंग : भिवानी नागरिक अस्पताल : भिवानी स्वास्थ्य विभाग में वेतन न मिलने से कर्मचारियों में भारी रोष : हड़ताल की दी चेतावनी
उच्च अधिकारियों को बार-बार बताई समस्या, पर नतीजा ढाक के तीन पात : प्रधान दीपक तंवर
कर्मचारियों का वकाया वेतन का जल्द भुगतान नहीं हुआ तो होगी टूल डाउन हड़ताल : प्रधान दीपक तंवर
कर्मचारियों का वकाया वेतन का जल्द भुगतान नहीं हुआ तो होगी टूल डाउन हड़ताल : प्रधान दीपक तंवर
Jun 10, 2026, 12:59 IST
भिवानी, 10 जून : हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। जिला भिवानी के नागरिक अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न केंद्रों में कार्यरत कई कर्मचारियों को पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस घोर प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ हरियाणा स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने अब सीधे तौर पर जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हरियाणा स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन की एक गेट मीटिंग बुधवार को स्थानीय नागरिक अस्पताल में संपन्न हुई। गेट मीटिंग की अध्यक्षता यूनियन के प्रधान दीपक तंवर ने की तथा आगामी रणनीति तैयार की।
इस मौके पर हरियाणा स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन के प्रधान दीपक तंवर ने कहा कि जिला भिवानी में एचआरएन के तहत काम करने वाले कई कर्मचारियों को पिछले तीन महीने और 19 दिन से वेतन की एक पाई भी नसीब नहीं हुई है। वहीं, कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों की स्थिति तो और भी बदतर है, जिन्हें पिछले 8 से 9 महीने बीत जाने के बाद भी उनका बकाया वेतन नहीं दिया गया है। लंबे समय से बिना मानदेय के काम कर रहे ये कर्मचारी आज गंभीर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक प्रताडऩा झेलने को मजबूर हैं। मकान का किराया, बच्चों की स्कूल फीस, राशन और बीमार बुजुर्गों की दवाइयों के खर्च ने इन गरीब कर्मचारियों की कमर तोड़ कर रख दी है।
प्रधान दीपक तंवर ने अस्पताल प्रशासन और सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और अमानवीय है कि दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे स्वास्थ्य कर्मचारियों को महीनों-महीनों तक वेतन के लिए तरसाया जा रहा है। हमने इस गंभीर समस्या के संदर्भ में कई बार उच्च अधिकारियों को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया। सीनियर अधिकारियों को बार-बार याद दिलाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कर्मचारी आखिर कितना सब्र करे? हमारे सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। क्या सरकार और जिला प्रशासन यह चाहता है कि कर्मचारी भूखे पेट काम करें? अगर इस गंभीर समस्या का तुरंत समाधान नहीं किया गया, तो इसका खामियाजा भुगतने के लिए प्रशासन तैयार रहे। यूनियन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए साफ कर दिया है कि यदि स्वास्थ्य कर्मचारियों के बकाया वेतन का जल्द से जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो सभी कर्मचारी पूर्ण रूप से काम बंद (टूल डाउन हड़ताल) करने पर मजबूर होंगे।
इस मौके पर हरियाणा स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन के प्रधान दीपक तंवर ने कहा कि जिला भिवानी में एचआरएन के तहत काम करने वाले कई कर्मचारियों को पिछले तीन महीने और 19 दिन से वेतन की एक पाई भी नसीब नहीं हुई है। वहीं, कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों की स्थिति तो और भी बदतर है, जिन्हें पिछले 8 से 9 महीने बीत जाने के बाद भी उनका बकाया वेतन नहीं दिया गया है। लंबे समय से बिना मानदेय के काम कर रहे ये कर्मचारी आज गंभीर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक प्रताडऩा झेलने को मजबूर हैं। मकान का किराया, बच्चों की स्कूल फीस, राशन और बीमार बुजुर्गों की दवाइयों के खर्च ने इन गरीब कर्मचारियों की कमर तोड़ कर रख दी है।
प्रधान दीपक तंवर ने अस्पताल प्रशासन और सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और अमानवीय है कि दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे स्वास्थ्य कर्मचारियों को महीनों-महीनों तक वेतन के लिए तरसाया जा रहा है। हमने इस गंभीर समस्या के संदर्भ में कई बार उच्च अधिकारियों को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया। सीनियर अधिकारियों को बार-बार याद दिलाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कर्मचारी आखिर कितना सब्र करे? हमारे सब्र का बांध अब पूरी तरह टूट चुका है। क्या सरकार और जिला प्रशासन यह चाहता है कि कर्मचारी भूखे पेट काम करें? अगर इस गंभीर समस्या का तुरंत समाधान नहीं किया गया, तो इसका खामियाजा भुगतने के लिए प्रशासन तैयार रहे। यूनियन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए साफ कर दिया है कि यदि स्वास्थ्य कर्मचारियों के बकाया वेतन का जल्द से जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो सभी कर्मचारी पूर्ण रूप से काम बंद (टूल डाउन हड़ताल) करने पर मजबूर होंगे।

