सरकारी साइन बोर्डों और महापुरुषों की मूर्तियों पर पोस्टरबाजी के खिलाफ फूटा गुस्सा : पूर्व पार्षद ईश्वर मान ने प्रशासन को फिर सौंपा मांग पत्र
पीडब्ल्यूडी के साइन बोर्डों का मिसयूज कर रहे राजनीतिक दल : ईश्वर मान
महापुरुषों व शहीदों की मूर्तियों का हो रहा अपमान : ईश्वर मान
महापुरुषों व शहीदों की मूर्तियों का हो रहा अपमान : ईश्वर मान
Jun 1, 2026, 17:54 IST
भिवानी, 01 जून : शहर में सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, पीडब्ल्यूडी के दिशा-सूचक बोर्डों को ढकने और महापुरुषों व शहीदों की मूर्तियों का अपमान करने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने इस गंभीर समस्या को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को भिवानी में आयोजित समाधान शिविर में उपायुक्त को दो अलग-अलग मांग पत्र सौंपकर इस अवैध कृत्य पर तुरंत रोक लगाने और दोषियों पर भारी जुर्माना वसूलने की मांग की है।
उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने साफ शब्दों में कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर के सभी प्रमुख चौकों, मोड़ों और मुख्य सडक़ों पर राहगीरों की सुविधा के लिए दिशा-सूचक तथा दूरी दर्शाने वाले साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि शहर और बाहर से आने वाले लोगों को रास्तों को लेकर कोई परेशानी या असुविधा न हो। लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि पिछले 10 वर्षों से राजनीतिक पार्टियां, विभिन्न शिक्षण संस्थान, प्राइवेट एजेंसियां और अन्य लोग बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के इन बोर्डों पर धड़ल्ले से अपने बैनर, पोस्टर और प्रचार सामग्री लगा रहे हैं। पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया कि रोहतक गेट और हांसी गेट जैसे व्यस्ततम इलाकों में तो हद ही हो गई है, जहां एक बार पोस्टर उतारने के बाद लोग दोबारा वहां बैनर लगा देते हैं। इसके अलावा स्कूल, प्राइवेट निजी संस्थाएं और राजनीतिक दलों के पदाधिकारी सरकारी विभागों व मौजूदा पार्षदों के बोर्डों पर भी जानबूझकर अपने छोटे-बड़े पोस्टर चिपका देते हैं।
दूसरे मांग पत्र मान ने एक और बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि भिवानी शहर के दर्जनों चौकों पर देश के महान सपूतों, महापुरुषों और शहीदों की मूर्तियां स्थापित हैं। लेकिन स्वार्थी तत्वों और राजनीतिक दलों ने अपनी मनमर्जी से इन चौकों व मूर्तियों को बैनर, पोस्टर और झंडों से पाट दिया है, जिससे पूरे शहर में अव्यवस्था और गंदगी का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि महापुरुष पंडित नेकीराम शर्मा चौक पर इस कदर पोस्टरबाजी और अवैध कब्जा किया गया है कि वहाँ की आधी रेलिंग तक खंडित (टूटी) हो चुकी है। ईश्वर मान ने कहा कि मूर्तियों और चौकों की सुरक्षा व सुंदरता बनाए रखने की जिम्मेदारी भिवानी नगर परिषद और जिला प्रशासन की है, लेकिन प्रशासन इस मामले में पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है।
पूर्व जिला पार्षद मान ने मांग की कि चौकों, मूर्तियों और पीडब्ल्यूडी के साइन बोर्डों पर पोस्टर लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए, जो भी राजनीतिक दल, संस्था या व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर अवैध पोस्टर लगाता है, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और नियम अनुसार भारी हर्जाना वसूला जाए। मान ने स्पष्ट किया कि वे इस जनहित के मुद्दे को लेकर समाधान शिविर के माध्यम से पहले भी कई बार प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है।
उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने साफ शब्दों में कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा शहर के सभी प्रमुख चौकों, मोड़ों और मुख्य सडक़ों पर राहगीरों की सुविधा के लिए दिशा-सूचक तथा दूरी दर्शाने वाले साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि शहर और बाहर से आने वाले लोगों को रास्तों को लेकर कोई परेशानी या असुविधा न हो। लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि पिछले 10 वर्षों से राजनीतिक पार्टियां, विभिन्न शिक्षण संस्थान, प्राइवेट एजेंसियां और अन्य लोग बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के इन बोर्डों पर धड़ल्ले से अपने बैनर, पोस्टर और प्रचार सामग्री लगा रहे हैं। पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया कि रोहतक गेट और हांसी गेट जैसे व्यस्ततम इलाकों में तो हद ही हो गई है, जहां एक बार पोस्टर उतारने के बाद लोग दोबारा वहां बैनर लगा देते हैं। इसके अलावा स्कूल, प्राइवेट निजी संस्थाएं और राजनीतिक दलों के पदाधिकारी सरकारी विभागों व मौजूदा पार्षदों के बोर्डों पर भी जानबूझकर अपने छोटे-बड़े पोस्टर चिपका देते हैं।
दूसरे मांग पत्र मान ने एक और बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि भिवानी शहर के दर्जनों चौकों पर देश के महान सपूतों, महापुरुषों और शहीदों की मूर्तियां स्थापित हैं। लेकिन स्वार्थी तत्वों और राजनीतिक दलों ने अपनी मनमर्जी से इन चौकों व मूर्तियों को बैनर, पोस्टर और झंडों से पाट दिया है, जिससे पूरे शहर में अव्यवस्था और गंदगी का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि महापुरुष पंडित नेकीराम शर्मा चौक पर इस कदर पोस्टरबाजी और अवैध कब्जा किया गया है कि वहाँ की आधी रेलिंग तक खंडित (टूटी) हो चुकी है। ईश्वर मान ने कहा कि मूर्तियों और चौकों की सुरक्षा व सुंदरता बनाए रखने की जिम्मेदारी भिवानी नगर परिषद और जिला प्रशासन की है, लेकिन प्रशासन इस मामले में पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है।
पूर्व जिला पार्षद मान ने मांग की कि चौकों, मूर्तियों और पीडब्ल्यूडी के साइन बोर्डों पर पोस्टर लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए, जो भी राजनीतिक दल, संस्था या व्यक्ति नियमों का उल्लंघन कर अवैध पोस्टर लगाता है, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और नियम अनुसार भारी हर्जाना वसूला जाए। मान ने स्पष्ट किया कि वे इस जनहित के मुद्दे को लेकर समाधान शिविर के माध्यम से पहले भी कई बार प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है।

