बाबा काशी धाम कोंट में भक्ति का सैलाब : हवन, भव्य मूर्ति स्थापना और विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
भिवानी के गांव कोंट स्थित बाबा काशी धाम में भव्य मूर्ति स्थापना और हवन-यज्ञ संपन्न। भजन संध्या और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद।
भिवानी, 28 जून : बाबा काशी धाम के जयकारों और शंखध्वनि के बीच रविवार को गांव कोंट में एक अभूतपूर्व धार्मिक समागम देखने को मिला। ग्राम कोंट स्थित पावन बाबा काशी धाम परिसर में क्षेत्रवासियों की अगाध श्रद्धा और सहयोग से भव्य हवन-यज्ञ, नव-मूर्ति स्थापना एवं विशाल भंडारे का आयोजन बेहद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर न केवल कोंट बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने शीश नवाकर सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। प्रतिमा का अनावरण कैलाश गिरी महाराज ने किया।
रविवार सुबह से ही पूरा परिसर कस्तूरी और हवन सामग्री की महक से सराबोर था। योग्य विद्वान ब्राह्मणों और आचार्यों की देखरेख में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ प्रारंभ हुआ। मुख्य यजमानों सहित उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों ने विश्व कल्याण और ग्राम की सुख-समृद्धि के लिए पूर्णाहूति दी। इसके उपरांत, पूरी विधि-विधान, पंचामृत स्नान और प्राण-प्रतिष्ठा के कड़े धार्मिक नियमों का पालन करते हुए मंदिर परिसर में नवस्थापित भव्य मूर्ति को स्थापित किया गया। जैसे ही मूर्ति का अनावरण हुआ, पूरा धाम बाबा काशी के जयकारों से गूंज उठा। इस धार्मिक उत्सव का मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध भजन गायक विकास पसोरिया की भजन संध्या रही। उन्होंने अपनी मधुर आवाज और मनमोहक भजनों की प्रस्तुति से पूरे वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया। उनके भजनों पर झूमते हुए श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और देर तक ताली बजाकर बाबा की भक्ति में लीन रहे। धार्मिक अनुष्ठानों और मुख्य आरती के संपन्न होने के बाद बाबा काशी धाम में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों लोगों के लिए महाप्रसाद तैयार किया गया था। खास बात यह रही कि युवाओं की टोलियों ने पूरी व्यवस्था संभाल रखी थी और कतारबद्ध तरीके से श्रद्धालुओं को आदरपूर्वक प्रसाद ग्रहण करवाया। सुबह से शुरू हुआ प्रसाद वितरण का यह सिलसिला देर शाम तक निरंतर चलता रहा।
इस मौके पर गांव कोंट के ग्रामीणों ने बताया कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हमारी पूरी ग्राम पंचायत और समस्त ग्रामवासियों की सामूहिक आस्था का प्रतीक है। बाबा काशी धाम हमारे गांव का गौरव हैं और आज मूर्ति स्थापना के इस पावन अवसर पर जिस तरह चारों तरफ से श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा है, वह यह दर्शाता है कि हमारी सनातन संस्कृति और आपसी भाईचारा आज भी कितना मजबूत है। हम इस आयोजन को सफल बनाने वाले हर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहयोगी का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
गौरतलब हेागा कि पूरा कार्यक्रम बेहद अनुशासित, शांतिपूर्ण और अत्यंत श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। अत्यधिक भीड़ होने के बावजूद ग्रामीणों के कुशल प्रबंधन के कारण कहीं भी कोई असुविधा देखने को नहीं मिली। कार्यक्रम के अंत में समस्त ग्रामवासी, कोंट की ओर से दूर-दराज से आए सभी संतों, अतिथियों, भजन कलाकारों और सेवादारों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया और इस सफल धार्मिक समागम के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

