लोक कल्याण व विश्व शांति की कामना : बाबा हरि गिरी मठ में महंत बंसी गिरी महाराज की 41 दिवसीय कठिन धूनी तपस्या का का समापन 28 मई को,
41 दिवसीय धूपी तपस्या के समापन होगा विशाल भंडारा, पहुंचेंगे हजारों साधु-संत व श्रद्धालुगण,
May 27, 2026, 17:17 IST
छोटी काशी के नाम से विख्यात भिवानी शहर इन दिनों अध्यात्म और कठिन साधना के अनूठे रंग में रंगा हुआ है। स्थानीय पतराम गेट स्थित कृपाराम की गली में मौजूद डेरा बाबा हरि गिरी मठ में लोक कल्याण और विश्व शांति की कामना के साथ चल रही महंत बंसी गिरी महाराज की 41 दिवसीय कठिन धूनी तपस्या 28 मई को विधि-विधान के साथ संपन्न होगी। भीषण गर्मी के इस दौर में जहां आम इंसान छांव तलाशता है, वहीं महंत बंसी गिरी महाराज लगातार 17वें वर्ष इस अलौकिक और कठिन साधना को निभा रहे हैं। मठ के भक्त सुरेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष यह 41 दिवसीय साधना गत 18 अप्रैल को शुरू हुई थी। इस दौरान महाराज जी प्रतिदिन सूर्य की तपिश और जलती हुई धूनी के बीच सुबह 11:15 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक ईश्वर आराधना में लीन रहते थें। चारों तरफ सुलगते उपलों की आग और ऊपर से आसमान से बरसती आग के बीच बैठकर की जाने वाली यह तपस्या देखने वालों के मन में अगाध श्रद्धा पैदा कर देती है। उन्होंने बताया कि मठ में तपस्या के समापन पर आयोजित होने वाले भंडारे को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। सेवादार और श्रद्धालु पूरी श्रद्धा एवं सेवा भाव से महाप्रसाद तैयार करने में जुटे हुए हैं। 28 मई को होने वाले इस भव्य समागम में देश के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और प्रबुद्ध जनों के पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि महाराज की इस साधना का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि चराचर जगत का कल्याण है। वे देश में सुख, समृद्धि, भाईचारा और विश्व शांति की कामना के साथ हर साल यह कष्टदायी तपस्या करते हैं। इस वर्ष महाराज की लगातार 17वें वर्ष की यह धूनी तपस्या थी।

