Student Demonstration News 2026: भिवानी कॉलेज में बड़ा हादसा टला, जर्जर भवनों की मरम्मत को लेकर छात्रों ने दी चेतावनी

भिवानी के एमएनएस राजकीय महाविद्यालय में कक्षा 117 की जर्जर छत से मलबा गिरने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन किया और प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की मांग की।

 
Bhiwani College Students Memorandum

भिवानी के प्रमुख एमएनएस राजकीय महाविद्यालय (MNS Government College) में कॉलेज प्रशासन की कथित लापरवाही और जर्जर बुनियादी ढांचे के खिलाफ छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। कॉलेज के कक्षा कक्ष संख्या 117 की छत की बेहद खराब हालत और अचानक उससे मलबा नीचे गिरने की खतरनाक घटना के बाद छात्रों ने परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस घटना से कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। विरोध प्रदर्शन के बाद आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज के प्रिंसिपल (प्रधानाचार्य) को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर कक्षाओं की तत्काल मरम्मत कराने और विद्यार्थियों की सुरक्षा के पुख्ता उपाय करने की पुरजोर मांग की है।

💥 क्लासरूम के भीतर गिरा छत का मलबा; टला बड़ा हादसा, छात्रों में दहशत

घटना का विवरण और विद्यार्थियों की चिंताएं:

  • अचानक गिरा मलबा: प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमएनएस राजकीय महाविद्यालय के कमरे नंबर 117 की छत की प्लास्टर और सीमेंट की परतें अचानक भरभरा कर नीचे आ गिरीं। गनीमत यह रही कि उस दौरान कक्षा के भीतर छात्रों की उपस्थिति सीमित थी या वे बाल-बाल बच गए, अन्यथा कोई बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।

  • छात्रों की सुरक्षा पर खतरा: इस घटना के बाद से कॉलेज के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भारी डर और रोष व्याप्त है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज भवन के कई हिस्सों में सीलन और रखरखाव के अभाव में छतें कमजोर हो चुकी हैं, जिससे कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है।

📝 प्रिंसिपल को सौंपा गया ज्ञापन: तत्काल मरम्मत और सुरक्षा उपायों की मांग

छात्रों द्वारा प्रशासन के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें:

  • त्वरित मरम्मत कार्य: प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रधानाचार्य को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि क्षतिग्रस्त कमरों की छतों और दीवारों की तत्काल प्रभाव से विशेष मरम्मत करवाई जाए।

  • जोखिम भरे कमरों को बंद करना: जब तक जर्जर भवनों की पूरी तरह से सुदृढ़ता जांच नहीं हो जाती, तब तक असुरक्षित कमरों में कक्षाओं का संचालन पूरी तरह बंद रखा जाए।

  • विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि: छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज प्रशासन जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाता है, तो वे आगामी दिनों में और भी बड़ा आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।