TB Free India Campaign News: भिवानी में 12 वार्ड और 153 पंचायतें हुईं टीबी मुक्त, पालेराम चैरिटेबल ट्रस्ट की अनूठी पहल

भिवानी में निक्षय मित्र मुहिम के तहत महंत प्रदीप गिरी महाराज ने 10 टीबी मरीजों को गोद लिया। जिला स्वास्थ्य विभाग की पहल।
 
Civil Hospital Bhiwani TB patients

टीबी को हराना है, देश को स्वस्थ बनाना है : भिवानी में निक्षय मित्र मुहिम को मिला संतों का संबल

पालेराम चैरिटेबल ट्रस्ट की प्रेरणा से प्रदीप गिरी महाराज बने निक्षय मित्र, 10 मरीजों को लिया गोद, बांटी पोषण किट

सामाजिक और आध्यात्मिक हस्तियों का आगे आना टीबी के खिलाफ लड़ाई में मील का पत्थर : डा. सुमन विश्वकर्मा 

भिवानी जिले में 1400 टीबी मरीज, 12 वार्ड और 153 पंचायतें हुईं टीबी मुक्त : डा. रघुबीर शांडिल्य

भिवानी, 02 सितंबर : टीबी मुक्त भारत अभियान केवल एक सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-जन की सहभागिता का एक जन-आंदोलन बनता जा रहा है। जब समाज, प्रशासन और आध्यात्मिक शक्ति एक मंच पर आकर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं, तो बड़ी से बड़ी बीमारी के खिलाफ जंग जीतना आसान हो जाता है। इसी प्रेरणादायी सोच की मिसाल बुधवार को भिवानी के नागरिक अस्पताल में देखने को मिली, जहां आध्यात्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने एक साथ कदम बढ़ाते हुए टीबी से पीडि़त मरीजों की मदद का बीड़ा उठाया।

पालेराम चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक सुरेंद्र सभ्रवाल की प्रेरणा और समन्वय से बाबा जगन्नाथ मंदिर जाटु लोहारी के महंत प्रदीप गिरी महाराज निक्षय मित्र बने। उन्होंने टीबी के 10 मरीजों को गोद लिया तथा नागरिक अस्पताल पहुंचकर इन मरीजों को पौष्टिक आहार से युक्त पोषण किट वितरित की। पालेराम चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक सुरेंद्र सभ्रवाल ने कहा कि उप सिविल सर्जन डा. सुमन विश्वकर्मा के निर्देशानुसार और प्रेरणा से हमने विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को इस अभियान से जोडऩे का प्रयास शुरू किया था। उन्होंने बताया कि महाराज प्रदीप गिरी ने 10 मरीजों को गोद लिया है। वही पोषण किट वितरित करने पहुंचे प्रदीप गिरी महाराज ने कहा कि भिवानी के नागरिक अस्पताल में निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित करने का उद्देश्य मरीजों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि टीबी एक ऐसी बीमारी है जिसका सही पोषण और सही इलाज से पूरी तरह इलाज संभव है। 

 भिवानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रघुबीर शांडिल्य ने कहा कि भिवानी जिले में फिलहाल लगभग 1400 टीबी मरीज नामांकित हैं, जिनमें से 1200 मरीजों ने निक्षय मित्र योजना के तहत पोषण किट प्राप्त करने की अपनी सहमति दे दी है। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि भिवानी के कुल 31 वार्डों में से 12 वार्ड पूरी तरह से टीबी मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही जिले की लगभग 153 से अधिक पंचायतें भी टीबी मुक्त हो चुकी हैं। डा. शांडिल्य ने अपील की कि यदि हर सक्षम नागरिक इस मुहिम से जुड़े और मरीजों का मनोबल बढ़ाए, तो हम बहुत जल्द पूरे भिवानी, हरियाणा और देश से टीबी का जड़ से खात्मा कर देंगे। उप सिविल सर्जन डा. सुमन विश्वकर्मा ने कहा कि सामाजिक और आध्यात्मिक हस्तियों का आगे आना टीबी के खिलाफ लड़ाई में मील का पत्थर है। डा. सुमन ने संक्रमण रोकने पर जोर देते हुए कहा कि हमें टीबी के बैक्टीरिया के फैलने की कड़ी को तोडऩा है। जैसे कोरोना में मास्क और कपड़े का इस्तेमाल सिखाया गया था, वैसे ही टीबी से बचाव के लिए भी खांसते या छींकते समय मुंह ढकना और स्वच्छता का पालन करना आवश्यक है।