भिवानी: निरंकारी सत्संग भवन में गूंजा मानवता का संदेश, महात्मा यशपाल सिंह ने दी आध्यात्मिक सीख
भिवानी के हांसी गेट स्थित निरंकारी सत्संग भवन में विशेष कार्यक्रम। कोटा से आए महात्मा यशपाल सिंह ने 'मानवता ही सच्चा धर्म' का संदेश दिया। भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल।
May 24, 2026, 16:08 IST
भिवानी के हांसी गेट पर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में शनिवार रात्रि को विशेष सत्संग का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा (राजस्थान) से पधारे विद्वान महात्मा श्री यशपाल सिंह जी ने की । इस अवसर पर निरंकारी श्रद्धालु एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
उपस्थित मानव समाज को संबोधित करते हुए श्री यशपाल सिंह जी ने फरमाया कि भक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं है बल्कि इसे जीवन के हर पल में उतारना आवश्यक है। जब मनुष्य को हर समय परमात्मा की उपस्थिति का एहसास बना रहता है तब जीवन सरल, शांत और सकारात्मक बन जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की अगुवाई में संत निरंकारी मिशन रक्तदान शिविरों का आयोजन करके मानवता की सेवा कर रहा है। मानवता ही सच्चा धर्म है । हमारे सतगुरु यही पैगाम दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि मन को स्वच्छ रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना शरीर को। जैसे वायु प्रदूषण से शरीर को नुकसान पहुंचता है वैसे ही मन की अशुद्धता आत्मा को कमजोर करती है। उन्होंने समझाया कि वास्तविक साधना स्वयं को सुधारने में है, यदि कोई कठोर वचन बोले तो उसे विनम्रता और सहनशीलता से स्वीकार कर प्रेम पूरक उत्तर देना ही आध्यात्मिक जीवन की पहचान है। इस कार्यक्रम में निरंकारी भक्तों द्वारा हिंदी, हरियाणवी, राजस्थानी भाषाओं के माध्यम से भजन प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में प्रस्तुत भजन के बोल थे :-जब प्यार से मिलने का जतन होगा, नफरत मिट जाएगी, दुनिया में अमन होगा।
इस अवसर पर भिवानी जोन के जोनल इंचार्ज श्री बलदेव राज नागपाल द्वारा उपस्थित मानव समाज का आभार व्यक्त किया गया । सत्संग समाप्ति पर लंगर प्रसाद पूर्ण श्रद्धा से वितरित किया गया।
उपस्थित मानव समाज को संबोधित करते हुए श्री यशपाल सिंह जी ने फरमाया कि भक्ति केवल शब्दों तक सीमित नहीं है बल्कि इसे जीवन के हर पल में उतारना आवश्यक है। जब मनुष्य को हर समय परमात्मा की उपस्थिति का एहसास बना रहता है तब जीवन सरल, शांत और सकारात्मक बन जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की अगुवाई में संत निरंकारी मिशन रक्तदान शिविरों का आयोजन करके मानवता की सेवा कर रहा है। मानवता ही सच्चा धर्म है । हमारे सतगुरु यही पैगाम दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि मन को स्वच्छ रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना शरीर को। जैसे वायु प्रदूषण से शरीर को नुकसान पहुंचता है वैसे ही मन की अशुद्धता आत्मा को कमजोर करती है। उन्होंने समझाया कि वास्तविक साधना स्वयं को सुधारने में है, यदि कोई कठोर वचन बोले तो उसे विनम्रता और सहनशीलता से स्वीकार कर प्रेम पूरक उत्तर देना ही आध्यात्मिक जीवन की पहचान है। इस कार्यक्रम में निरंकारी भक्तों द्वारा हिंदी, हरियाणवी, राजस्थानी भाषाओं के माध्यम से भजन प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में प्रस्तुत भजन के बोल थे :-जब प्यार से मिलने का जतन होगा, नफरत मिट जाएगी, दुनिया में अमन होगा।
इस अवसर पर भिवानी जोन के जोनल इंचार्ज श्री बलदेव राज नागपाल द्वारा उपस्थित मानव समाज का आभार व्यक्त किया गया । सत्संग समाप्ति पर लंगर प्रसाद पूर्ण श्रद्धा से वितरित किया गया।

