भिवानी को बाल श्रम मुक्त बनाने का संकल्प : ऑपरेशन मुस्कान के तहत 2 मासूमों का किया रेस्क्यू
भिवानी, 30 अप्रैल : जिले में बचपन को सुरक्षित करने और मासूमों को भिक्षावृत्ति व बाल श्रम के दलदल से बाहर निकालने के लिए जिला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने कमर कस ली है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान में समिति को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिला बाल कल्याण समिति और भिवानी पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 2 बच्चों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित संरक्षण में लिया है। यह जानकारी देते हुए सीडब्ल्यूसी के सदस्य अधिवक्ता धीरज सैनी ने बताया कि यह ऑपरेशन जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर के नेतृत्व में चलाया गया। इस विशेष रेस्क्यू टीम में सदस्य दिनेश अत्री, नीलम रानी, और सपोर्टिंग स्टाफ से हेमलता, दीपाली, लक्ष्मी व कपिल शामिल रहे। वहीं पुलिस विभाग की ओर से इंस्पेक्टर अमरदीप सिंह, सब इंस्पेक्टर कपिल देव, एसआई नीलम देवी और एसपीओ राकेश ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
इस अभियान के बाद जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन अधिवक्ता प्रदीप सिंह तंवर ने कहा कि बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सख्त है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल बच्चों को रेस्क्यू करना मात्र नहीं है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और गरिमामय भविष्य देना है। बाल श्रम और भिक्षावृत्ति मासूमों के मौलिक अधिकारों का सीधा हनन है। ऑपरेशन मुस्कान के जरिए हम समाज में यह चेतना लाना चाहते हैं कि बच्चों के कोमल हाथों में काम के औजार या भीख का कटोरा नहीं, बल्कि कलम और किताबें होनी चाहिए। अधिवक्ता तंवर ने कहा कि प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर यह अभियान भविष्य में और भी तीव्रता के साथ जारी रहेगा। उनका अंतिम लक्ष्य भिवानी को पूरी तरह से बाल श्रम मुक्त जिला बनाना है ताकि हर बच्चा स्कूल जा सके और अपना बचपन जी सके। सीडब्ल्यूसी ने आम नागरिकों से भी इस सामाजिक बदलाव में भागीदार बनने की अपील की है। समिति का कहना है कि यदि किसी भी नागरिक को कहीं बाल श्रम या बच्चों से भिक्षावृत्ति करवाने की सूचना मिलती है, तो वे तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी सूचना किसी मासूम का भविष्य बर्बाद होने से बचा सकती है।

