Patharwali Bhiwani News: गांव पाथरवाली में गंधर्व कवि नंदलाल की स्मृति में धार्मिक रागनी गायन, झूमे श्रोता

भिवानी के गांव पाथरवाली में गंधर्व कवि नंदलाल की याद में धार्मिक रागनी कार्यक्रम आयोजित। लोक कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां।
 
आरसी शर्मा रिटायर्ड एसडीएम भिवानी

पाथरवाली में लोक कलाकारों ने गंधर्व कवि
नंदलाल की कविताओं से किया भाव विभोर

 गांव पाथरवाली में गंधर्व कवि स्व. नंदलाल की स्मृति में आयोजित हुआ धार्मिक रागनी गायन कार्यक्रम

समाज को सही दिशा देने में सूर्य कवि पं.लख्मीचंद, गंधर्व कवि पंडित नंदलाल  पाथरवालीआदि कवियों का रहा है अहम योगदान : रिटायर्ड एसडीएम आरसी शर्मा 


भिवानी/जुई, 23 अगस्त।  पंडित लखमीचंद  फोक फाउंडेशन के संयोजन में रविवार को गांव पाथरवाली में स्व. गंधर्व कवि नंदलाल की स्मृति मे रागनी गायन का कार्यक्रम हुआ, जिसमें प्रदेश के सुप्रसिद्ध लोक गायकों ने नंदलाल की रचनाओं की प्रस्तुति से श्रोताओं को भाव विभोर किया। कार्यक्रम का आयोजन लख्मीचंद लोक फाउंडेशन के अध्यक्ष अधिकारी आरसी शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता रामप्रताप शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए तथा अध्यक्षता सेवानिवृत्ति आईएएस अधिकारी स्व केसी शर्मा की धर्मपत्नी माया देवी ने की। कार्यक्रम में सेवानिवृत्ति आईएएस अधिकारी सुजान सिंह यादव और रिटायर्ड रजिस्ट्रार प्रोफेसर आत्मप्रकाश शर्मा भी मौजूद रहे।


अपना संदेश देते हुए  एडवोकेट राम प्रताप शर्मा ने कहा कि  वर्तमान समय में युवा पीढ़ी में प्राचीन संस्कृति और संस्कारों को भूल रही है, जो कि समाज के लिए घातक है। आज फिर से युवाओं में प्राचीन संस्कार भरने की जरूरत है। इसके साथ ही हमें अपनी प्राचीन हरियाणवी संस्कृति को जीवंत करना होगा। उन्होंने कहा कि सूर्य कवि पं.लखमीचंद, गंधर्व कवि नंदलाल पाथरवाली आदि कवियों ने अपनी रचनाओं व कविताई के माध्यम से समाज को सही रास्ता दिखाने का काम किया है। समाज में उनके योगदान को कभी भुलाया नही जा सकता।

आरसी शर्मा रिटायर्ड एसडीएम भिवानी

उन्होंने ने कहा कि हरियाणवी कवियों व रचनाकारों ने समय-समय पर अपने भजनों-उपदेशों से समाज में फैली कुरीतियों को मिटाने का काम किया है। देश की आजादी के समय में भी कलाकारों ने वीर रस की रचनाओं से समाज को एक रूपता में पिरोकर देशभक्ति भावना से ओतप्रोत करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि समय-समय के साथ विशेषकर युवा पीढ़ी पश्चिमी संस्कृति व सभ्यता के प्रभाव से अपने पुराने संस्कारों को भूल रही है, जो कि समाज के लिए सही नही है। उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों में हमारे पुराने संस्कार व रीति रिवाज जीवंत करने होंगे, इनमें सूर्य कवि पं.लख्मीचंद, गंधर्व कवि नंद लाल पाथरवाली, मांगेराम, बाजे भगत, धनपत सिंह और मेहर सिंह आदि कवियों की रचनाओं का अहम योगदान हो सकता है।

कार्यक्रम में कलाकार इंद्र लांबा ने जगह-जगह घूम लिए पृथ्वी के कोने-कोने में, बड़े-बड़े दुख सहन किए मरने और पैदा होने में भजन प्रस्तुत किया। इसके अलावा कलाकार अमित शर्मा,  लोक गायक प्रेम देहाती, गुलाब सिंह खंडवाल, लीला सैनी, सीताराम शर्मा, शिवचरण शर्मा, सचिन खरकड़ी ,जनक बापोड़ा, श्यामलाल सहित अनेक कलाकारों ने पंडित नंदलाल व सूर्य कवि पंडित लख्मीचंद की धार्मिक व प्रेरक रागनियों की प्रभावशाली व शानदार प्रस्तुति दी।फाऊंडेशन द्वारा समय-समय पर लोक गायन कार्यक्रम का आयोजन करवाया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान आईडी भारद्वाज, सत्यनारायण शर्मा पटौदी,विजय मोटू डॉ. अमर सिंह, सुभाष सिंगल, भले राम व  महंत भीम गिरि जी, मान सिंह शर्मा, मनोहर शर्मा, मदन शर्मा, एडवोकेट राजेश भारद्वाज, पवन नंबरदार, जय सिंह पटवारी, जगदीश,  राजेश भारद्वाज ,राजकुमार शर्मा अटेला,  राजाराम शर्मा, जयप्रकाश शर्मा रामपुरा, मास्टर शिवचरण , अमित अटेला सहित अनेक लोगों ने कवि स्व. नंदलाल को अपनी तरफ से श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में गांव व आसपास क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।