डिटेक्टिव स्टाफ लोहारू ने बस में महिला के बैग से रुपए व आभूषण चोरी करने के मामले में तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार।
 

भिवानी डिटेक्टिव स्टाफ लोहारू ने बस में महिला के बैग से गहने और नगदी चोरी करने वाले 3 आरोपियों को दबोचा। आरोपियों ने तोशाम में भी चोरी की 3 वारदातें कबूल की हैं।

 
चोरी की वारदात का खुलासा

पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर 04 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से ₹ 31,000/- बरामद किए गए।

पुलिस अधीक्षक भिवानी श्री सुमित कुमार द्वारा जिला पुलिस को बसों मे यात्रियों के सामान चोरी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत कार्रवाई करते हुए डिटेक्टिव स्टाफ लोहारू ने बस में महिला के बैग से रुपए व आभूषण चोरी करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

गांव पातवान निवासी एक महिला ने थाना बहल पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि दिनांक 21.01. 2026 को वह बस में यात्रा कर रही थी। जब वह बस अड्डा ओबरा पहुंची और अपने बैग को चेक किया तो बैग से उसका पर्स गायब मिला। पर्स में आभूषण व ₹ 50,000 नकद थे, जिन्हें अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गए।

शिकायत के आधार पर थाना बहल में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर जांच शुरू की गई। अभियोग में प्रभावी कार्रवाई करते हुए डिटेक्टिव स्टाफ लोहारू के मुख्य सिपाही प्रमोद कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान :-

- नरेश पुत्र जगदीश निवासी बड़सी
- संदीप पुत्र मदन लाल निवासी गगनखेड़ी
- नरेंद्र पुत्र अजय सिंह निवासी थुराना हांसी

पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर 04 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से ₹ 31,000 बरामद किए गए। 

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाली बसों में यात्रियों को चिन्हित कर उनके बैग से सामान चोरी करने की वारदातों को अंजाम देते थे।

आरोपियों ने पूछताछ के दौरान थाना तोशाम क्षेत्र में भी बसों में चोरी की तीन अन्य वारदातें करना स्वीकार किया है। आरोपी नरेंद्र, नरेश पर  पूर्व में भी कई अभियोग दर्ज हैं।

रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपियों को दोबारा माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें जिला कारागार भेजने के आदेश दिए।