भिवानी पुलिस का साइबर अलर्ट: 'अभेद्य ऐप' और 'डुअल OTP' से थमेगी ठगी

भिवानी पुलिस की नई पहल: 'अभेद्य ऐप' ब्लॉक करेगा धमकी भरे कॉल और 'डुअल OTP' सिस्टम बचाएगा बुजुर्गों की जमापूंजी। डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से बचने के लिए गाइडलाइन।

 
वरिष्ठ नागरिक बैंकिंग सुरक्षा

प्रैस नोट
जिला पुलिस भिवानी 
दिनांक:– 26 अप्रैल 2026

साईबर सुरक्षा अलर्ट: अभेद्य ऐप और डुअल ओटीपी सिस्टम द्वारा नागरिकों की सुरक्षा।

डिजिटल धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और एक्सटॉर्शन कॉल्स (रंगदारी के लिए फोन) जैसे अपराधों से आम जनता और वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस द्वारा दो अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी कदम उठाए गए हैं। नागरिकों को जागरूक और सुरक्षित करने के उद्देश्य से यह सूचना जारी की जा रही है।

1.  अभेद्य ऐप: एक्सटॉर्शन कॉल्स और धमकियों से बचाव
यह एक आधुनिक मोबाइल-आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जिसे अपराधियों द्वारा किए जाने वाले मानसिक उत्पीड़न और धमकियों को रोकने के लिए तैयार किया गया है।

✍️*ऑटोमैटिक ब्लॉकिंग*: यह ऐप अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल या मास्क किए गए अनजान नंबरों से आने वाली संदिग्ध कॉल्स और व्हाट्सएप संदेशों को आप तक पहुंचने से पहले ही ब्लॉक कर देता है। जिससे अपराधियों द्वारा फैलाई जाने वाली दहशत और ब्लैकमेलिंग से बचाव होता है।

✍️*पुलिस ट्रैकिंग*: भले ही कॉल आपके पास न पहुंचे, लेकिन बैकएंड पर पुलिस इन नंबरों का डेटा सुरक्षित रखती है ताकि अपराधियों को ट्रैक करके उन पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

2.  डुअल ओटीपी सिस्टम: डिजिटल अरेस्ट से वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा जालसाज वीडियो कॉल पर फर्जी पुलिस या जांच अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और उन्हें अकेले में पैसे ट्रांसफर करने पर मजबूर करते हैं, जिसे डिजिटल अरेस्ट कहा जाता है। वरिष्ठ नागरिकों को इस धोखे से बचाने के लिए एचडीएफसी बैंक के सहयोग से डुअल ओटीपी सिस्टम शुरू किया गया है। इसके लिए अन्य बैंकों के साथ भी मीटिंग की गई है।

लाभार्थी: यह प्रणाली विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के खाताधारकों के लिए तैयार की गई है।

✍️ कैसे काम करता है: बड़े फंड ट्रांसफर के दौरान, लेन-देन का ओटीपी केवल खाताधारक को ही नहीं, बल्कि उसके द्वारा चुने गए एक भरोसेमंद परिवार के सदस्य के मोबाइल नंबर पर भी भेजा जाएगा।

✍️ दोहरी सुरक्षा: खाते से पैसा तभी ट्रांसफर होगा जब दोनों ओटीपी (खाताधारक और परिजन का) दर्ज किए जाएंगे। इससे परिवार के सदस्य अलर्ट हो जाते हैं और डर या जल्दबाजी में होने वाली आर्थिक ठगी तुरंत रुक जाती है।

आम जनता से अपील:
 1. धमकी भरे अनजान कॉल्स और संदेशों से बचने के लिए अभेद्य ऐप का उपयोग करें।

 2. घर के बुजुर्गों (60+ आयु) के बैंक खातों में डुअल ओटीपी सुविधा सक्रिय कराएं और किसी विश्वसनीय परिजन का नंबर रजिस्टर करें।

 3. याद रखें: कोई भी सरकारी एजेंसी कभी भी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी को अरेस्ट नहीं करती है।

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें।