NCR Pollution Control: वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना नहीं मिलेगा पेट्रोल, भिवानी प्रशासन ने वाहन मालिकों के लिए जारी किए सख्त निर्देश

भिवानी में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान। आरटीए सचिव महेश कुमार ने वाहन मालिकों से परिवर्तन योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

 
Bhiwani news today

सरकार की परिवर्तन योजना का लाभ उठाएं वाहन मालिक: एसडीएम महेश कुमार

 प्रशासन द्वारा 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ चलाया जाएगा इंपाउंड करने का अभियान

भिवानी, 24 अक्टूबर। एसडीएम एवं आरटीए सचिव महेश कुमार ने एनसीआर क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण के चलते वाहन मालिकों से अपील करते हुए कहा है कि 10 वर्ष से पुराने डीजल वाहन या 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहनों को स्क्रैप करवाने का अंतिम अवसर है। वाहन मालिक स्वेच्छा से स्क्रैप करवा लें, अन्यथा प्रशासन द्वारा उनको इंपाउंड किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि ट्रांसपोर्ट विभाग की परिवर्तन योजना के अंतर्गत बीएस 6 मानक का नया वाहन खरीदें। इसके इलावा सभी पेट्रोल पंप के मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उन्हीं वाहनो लो फ्यूल देगे जिनका वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट होगा। उन्होंने बताया कि बीएस वन, टू और थ्री के खिलाफ स्पेशल कैंपेन चलाया जाएगा।

आरटीए सचिव महेश कुमार ने वाहनों पर लागू नियमों को लेकर निजी बस/ट्रक व माल वाहन मालिकों से सरकार की परिवर्तन योजना की पालना करते हुए निर्धारित समय सीमा और प्रदूषण मानकों के दायरे में आने वाले पुराने कमर्शियल वाहनों को एनसीआर क्षेत्र में चलाने या लेकर आने से बचने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि वाहन मालिक पुराने वाहन को चलाने की बजाय सरकार की परिवर्तन योजना का लाभ उठाकर नया और कम प्रदूषण वाला वाहन अपना सकते हैं। इससे नियमों के उल्लंघन से बचने के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी मिलेगा।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनसीआर क्षेत्र में चलने वाले पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों व बसों (बीएस-वन, बीएस-टू, बीएस-थ्री और बीएस-फोर श्रेणी) को बदलकर उनकी जगह बीएस-सिक्स मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन के लिए यह योजना शुरू की है। योजना के तहत वाहन मालिकों को कई तरह के प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3 के पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र में जमा कराने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार वाहन मालिकों को 10 वर्ष तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का लाभ मिल सकता है। इसके अलावा वाहन निर्माता की ओर से वाहन की कीमत में 8 प्रतिशत तक अतिरिक्त छूट और 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सहित अन्य लाभ भी मिल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पुराने प्रतिबंधित वाहन को चलाकर परेशानी उठाने के बजाय समय रहते उसे बदलना बेहतर विकल्प है। इससे वाहन मालिकों को योजना का आर्थिक लाभ मिलेगा और वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि यह योजना न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मददगार साबित होगी, बल्कि वाहन मालिकों को आर्थिक रूप से भी लाभ पहुंचाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर भी इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक वाहन मालिकों, स्कूल संचालकों व ट्रांसपोर्टरों तक पहुंचाएं ताकि जिले के लोग इस योजना का पूरा लाभ उठा सकें।