Gaming Club Guidelines Haryana: डीसी साहिल गुप्ता ने जारी किए नए आदेश, क्लबों में सीसीटीवी और केवाईसी अनिवार्य

हरियाणा सरकार द्वारा रम्मी और पोकर को कौशल खेल घोषित किए जाने के बाद भिवानी जिला प्रशासन ने क्लबों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

 
skill based games rules

रम्मी-पोकर क्लबों पर प्रशासन की सख्ती, करनी होगी नियमों की पालना

18 वर्ष से कम उम्र वालों की एंट्री पर रोक और क्लबों में सीसीटीवी व केवाईसी अनिवार्य: डीसी

भिवानी,  08 अक्टूबर। हरियाणा सरकार द्वारा रम्मी और पोकर को कौशल आधारित खेल के रूप में अधिसूचित किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने इन खेलों का संचालन करने वाले क्लबों एवं परिसरों के लिए निर्धारित नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीसी साहिल गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले में ऐसे सभी क्लबों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हरियाणा सरकारी द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में डीसी ने कहा है कि रम्मी व पोकर जैसे कौशल आधारित खेलों के संचालन के लिए संबंधित संचालक को जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व पंजीकरण अथवा लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। नियमों की अवहेलना होने पर लाइसेंस अथवा पंजीकरण को निलंबित या रद्द किया जा सकता है। क्लब में प्रवेश एवं खेलों में भागीदारी के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है तथा प्रवेश के समय आयु का सत्यापन करना होगा। इसके साथ ही संचालक द्वारा सट्टे अथवा दांव से किसी प्रकार का लाभ, रेक, कमीशन या हाउस-कट प्राप्त नहीं किया जा सकेगा।

डीसी ने बताया सरकार के निर्देशोंनुसार, पंजीकरण अथवा लाइसेंस प्राप्त करने के छह सप्ताह के भीतर क्लब के प्रवेश एवं खेल खेले जाने वाले सभी स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। कम से कम पिछले 15 दिनों की सीसीटीवी फुटेज पुलिस द्वारा मांगे जाने पर उपलब्ध करवानी होगी। क्लब के प्रत्येक सदस्य को विशिष्ट पहचान पत्र जारी किया जाएगा तथा सदस्यों का पूरा केवाईसी, जिसमें आधार और पैन का सत्यापन शामिल है, किया जाना आवश्यक होगा। रम्मी और पोकर जैसे कौशल आधारित खेल केवल सदस्यों के लिए संचालित किए जा सकेंगे तथा गैर-सदस्यों अथवा सदस्यों के मेहमानों को क्लब परिसर में खेल या मनोरंजक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी।

डीसी ने बताया कि किसी भी प्रकार के जुआ अथवा भाग्य आधारित खेलों की अनुमति नहीं होगी। क्लब संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सदस्य किसी भी गैर-कानूनी तरीके से खेल का संचालन न करें। पुलिस को आवश्यकता पडऩे पर क्लब परिसरों का समय-समय पर निरीक्षण करने तथा किसी गैर-कानूनी गतिविधि की सूचना मिलने पर कार्रवाई करने की स्वतंत्रता होगी। इसके अलावा कौशल आधारित खेल संचालित करने वाले क्लबों को जीएसटी अधिनियम, 2017 और आयकर अधिनियम, 1961 सहित लागू कर कानूनों की पालना करनी होगी।

उन्होंने कहा कि क्लबों को जिम्मेदार गेमिंग व्यवस्था भी लागू करनी होगी, ताकि आदत बनने और लापरवाही पूर्ण गेमिंग के जोखिम को कम किया जा सके। इसके लिए कानून के अनुरूप प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रतिदिन जमा और लेनदेन की निर्धारित सीमाओं का पालन सुनिश्चित करना होगा। वहीं, क्लब संचालकों को परिसर में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास तथा अन्य आवश्यक अग्नि सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के साथ सक्षम अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी एनओसी प्राप्त करनी होगी। डीसी साहिल गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी प्रावधानों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करवाई जाए और उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।