सफाई कर्मचारियों के समर्थन में उतरी इनेलो, धरना स्थल पर पहुंच की नारेबाजी
स्वच्छता योद्धाओं को सडक़ पर बैठाना सरकार की तानाशाही का प्रमाण : डा. वासुदेव शर्मा
सफाई कर्मचारियों की मांगों के अनसुना कर लोगों के स्वास्थ्य से खेल रही है सरकार : अशोक ढ़ाणीमाहु
सफाई कर्मचारियों की मांगों के अनसुना कर लोगों के स्वास्थ्य से खेल रही है सरकार : अशोक ढ़ाणीमाहु
May 13, 2026, 15:04 IST
भिवानी, 13 मई : नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले और प्रदेश सचिव पुरूषोत्तम दानव के नेतृत्व में जारी सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप लेती जा रही है। पिछले करीब दो सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारियों को बुधवार को इनेलो का खुला समर्थन प्राप्त हुआ। इनेलो पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री डा. वासुदेव शर्मा और जिला अध्यक्ष अशोक ढाणीमाहु के नेतृत्व में भारी संख्या में इनेलो नेताओं व कार्यकर्ताओं ने स्थानीय नगर परिषद कार्यालय के समक्ष धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराया और सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री डा. वासुदेव शर्मा व जिला अध्यक्ष अशोक ढ़ाणीमाहु ने सरकार की संवेदनहीनता पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह वही सफाई कर्मचारी हैं जिन्हें कोरोना काल में भाजपा सरकार ने स्वच्छता योद्धा कहकर उन पर फूल बरसाए थे। आज वही योद्धा अपने हक की लड़ाई लडऩे के लिए सडक़ों पर बैठने को मजबूर हैं। यह सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और तानाशाही रवैये का सबसे बड़ा प्रमाण है कि 14 दिनों से धरने पर बैठे कर्मचारियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
वही शहर की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को अनसुना करना न केवल कर्मचारियों के साथ अन्याय है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर कचरे के ढेरों में तब्दील हो चुका है, जिससे किसी भी समय महामारी फैल सकती है, लेकिन सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।
इनेलो नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे इस लड़ाई में सफाई कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। पार्टी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार तुरंत वार्ता की मेज पर आए, भाजपा सरकार कर्मचारियों के भविष्य और जनता के स्वास्थ्य पर राजनीति करना बंद करे। यदि जल्द ही कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गईं, तो इनेलो कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर शहर भर में सरकार के खिलाफ एक जोरदार प्रदर्शन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस अवसर पर ओमप्रकाश गौरा, धर्मपाल ओबरा, सुनील लांबा, रण सिंह श्योरण, भूप सिंह बैराण, अनिल पंघाल, कृष्ण मिताथल, जगराम साहब, पार्षद कर्मबीर यादव, अधिवक्ता अनिल सांगवान, अधिवक्ता राजेश पुनिया, संदीप घणघस, दीपक वाल्मीकि, रोहताश गोस्वामी, भागमल पिलानिया, भूपेंद्र कोच सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री डा. वासुदेव शर्मा व जिला अध्यक्ष अशोक ढ़ाणीमाहु ने सरकार की संवेदनहीनता पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह वही सफाई कर्मचारी हैं जिन्हें कोरोना काल में भाजपा सरकार ने स्वच्छता योद्धा कहकर उन पर फूल बरसाए थे। आज वही योद्धा अपने हक की लड़ाई लडऩे के लिए सडक़ों पर बैठने को मजबूर हैं। यह सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और तानाशाही रवैये का सबसे बड़ा प्रमाण है कि 14 दिनों से धरने पर बैठे कर्मचारियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
वही शहर की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों को अनसुना करना न केवल कर्मचारियों के साथ अन्याय है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर कचरे के ढेरों में तब्दील हो चुका है, जिससे किसी भी समय महामारी फैल सकती है, लेकिन सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।
इनेलो नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे इस लड़ाई में सफाई कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। पार्टी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार तुरंत वार्ता की मेज पर आए, भाजपा सरकार कर्मचारियों के भविष्य और जनता के स्वास्थ्य पर राजनीति करना बंद करे। यदि जल्द ही कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गईं, तो इनेलो कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर शहर भर में सरकार के खिलाफ एक जोरदार प्रदर्शन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस अवसर पर ओमप्रकाश गौरा, धर्मपाल ओबरा, सुनील लांबा, रण सिंह श्योरण, भूप सिंह बैराण, अनिल पंघाल, कृष्ण मिताथल, जगराम साहब, पार्षद कर्मबीर यादव, अधिवक्ता अनिल सांगवान, अधिवक्ता राजेश पुनिया, संदीप घणघस, दीपक वाल्मीकि, रोहताश गोस्वामी, भागमल पिलानिया, भूपेंद्र कोच सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

