Bhiwani DC Order on Waste Management: मैरिज पैलेस, अस्पताल और फैक्ट्रियों को 15 दिन में करवाना होगा पोर्टल पर पंजीकरण
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों की पालना करें उद्योग, नहीं तो कट सकते हैं बिजली-पानी कनेक्शन : डीसी साहिल गुप्ता
मैरिज पैलेस, अस्पताल, ढाबे और फैक्ट्रियां आएंगी निगरानी के दायरे में
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में संस्थानों को 15 दिन में करवाना होगा पोर्टल पर पंजीकरण
शहरी स्थानीय निकाय और पंचायत विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे नोटिस
भिवानी, 25 सितंबर। डीसी साहिल गुप्ता ने शहरी स्थानीय निकाय और पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बल्क यानि बड़े स्तर पर कचरा जनरेट करने वाले औद्योगिक ईकाइयों को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 के नियमों की पालना करनी होगी। इसके लिए अधिकारी 15 दिन के अंदर-अंदर 20 हजार स्क्वेयर मीटर के दायरे या 40 हजार पानी प्रतिदिन की खपत वाले मैरिज होम, हॉस्पिटल, ढाबों और गत्ता फैक्ट्री आदि औद्योगिक इकाईयों की पहचान कर उनको नोटिस जारी करना और संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट-2026 के नियमों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के अस्थायी तौर पर बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन नियमों आदेशों के अनुपालना सुनिश्चित करने को लेकर डीआरडीए हॉल में आयोजित संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक में डीसी साहिल गुप्ता ने निर्देश दिए कि शहरी स्थानीय निकाय और पंचायत विभाग अपने-अपने अधीन क्षेत्र में ऐसे संस्थानों की पहचान करें जो बल्क में कचरा जनरेट करते हैं। शहरी क्षेत्र में जिला नगर आयुक्त और ग्रामीण क्षेत्रों में जिला परिषद / जिला विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा ऐसे संस्थानों की पहचान कर नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कचरा प्रबंधन सही न होने के कारण पर्यावरण प्रदुषित होता है, जिसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कचरा प्रबंधन जरूरी है।
डीसी ने निर्देश दिए कि ऐसे संस्थानों के संचालकों को ठोस कचरा प्रबंधन-2026 के निमयानुसार ठोस कचरा प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जाए और ठोस कचरा प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। ठोस कचरा प्रबंधन-2026 के तहत चार चरण होते हैं, इनमें नियमों के क्रियान्वयन की समय-सीमा, वैज्ञानिक लैंडफिल के मानक, कचरा प्रसंस्करण एवं उपचार के मानक तथा कचरा डंप साइटों पर आग की रोकथाम एवं प्रबंधन से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे संस्थानों में जागरूकता लाने के साथ-साथ नियमित रूप से निगरानी की जाए। इसके साथ-साथ डीसी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विद्यार्थियों को ठोस कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करें। इसके लिए शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा, उप वन संरक्षक विपिन कुमार सिंह, डीएमसी हरबीर सिंह, जिला परिषद के डिप्टी सीईओ रविंद्र दलाल, जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल दहिया व पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से एसडीओ डॉ. सचिन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।