- फसल अवशेष न जलाने को लेकर जागरूकता वाहन को एडीसी ने दिखाई हरी झंडी
भिवानी, 22 अप्रैल। एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने लघु सचिवालय परिसर से फसल अवशेष न जलाने को लेकर कृषि विभाग के जागरूक वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता वाहन से जिले के करीब तीन दर्जन गांवों में किसानों व आमजन को फसल अवशेष नहीं जलाने के बारे में जागरूक किया जाएगा।

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इस दौरान एडीसी ने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए आमजन को जागरूक होना पड़ेगा। फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण को भारी नुकसान होता है, स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेष जलाने की बजाय आधुनिक तकनीकों और वैकल्पिक उपायों को अपनाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण में सहयोग मिल सके। एडीसी श्री करवा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को कहा कि वे गांवों में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों व फसल अवशेष जलाने के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दें।
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- इन गांवों में निकाला जाएगा जागरूकता के लिए फ्लैग मार्च
वाहन रवाना करने के दौरान कृषि विभाग के उप निदेशक डा. विनोद फोगाट व सहायक कृषि अभियंता डा. नसीब धनखड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि जागरूकता वाहन द्वारा 23 अप्रैल को गांव जाटू लोहारी, बवानी खेड़ा, पुर, सिवाड़ा, कुंगड़, सिवाना, बड़सी, मिल्कपुर, पपोसा, जमालपुर, सिपर, बोहल, रोहनात, रतेरा, किरावड़, भुरटाना, बलियाली व सुई में फ्लेग मार्च निकालकर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन बारे जागरूक किया जाएगा।
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- गेहूं के फसल अवशेष जलाने पर पांच से 30 हजार रूपए तक लगेगा जुर्माना
कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग एवं अग्निशमन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला गया। उन्होंने गांव निनान, बामला, खरक कलिंगा, बडेसरा, मिताथल, घुसकानी, तिगड़ाना, धनाना, जताई, सुखपुरा, मुढाल, तालू मंढाना व प्रेम नगर में किसानों को गेहूं के फसल अवशेष न जलाने बारे जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान गेहूं के फसल अवशेषों में आग लगाता है, तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी तथा नियमानुसार चालान दो एकड़ तक पांच हजार रूपए, दो से पांच एकड़ तक 15 हजार रूपए व पांच एकड़ से अधिक के लिए 30 हजार रूपए का जुमार्ना किया जाएगा। इसके साथ ही मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री दर्ज की जाएगी, जिसके परिणामस्वरूप संबंधित किसान आगामी दो वर्षों तक कृषि विभाग की किसी भी योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। इसके अलावा अपनी फसल को दो साल तक सरकारी खरीद पर मण्डी में नही बेच पाएगा। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन हेतु कृषि यंत्रों का उपयोग कर फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाएं, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी तथा मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा भी बढ़ेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ खेती की उत्पादकता में भी सुधार होगा। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में जिले में एक आगजनी की घटना प्राप्त हुई है जिस पर किसान विरेन्द्र पुत्र राम किशन निवासी गांव छपार जोगीयान तहसील तोशाम पर पांच रूपए का जुर्माना व नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई गई है।
इस दौरान डीडीपीओ सोमबीर कादयान व उपमंडल अधिकारी डॉ. संजय मक्कड़, कण्ट्रोल बोर्ड से सतीश कुमार, अग्निशमन व पुलिस विभाग सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
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