Teachers Protest in Bhiwani: गांधी जयंती पर अध्यापकों का सत्याग्रह और भूख हड़ताल, पुरानी पेंशन बहाली की उठी मांग

गांधी जयंती के अवसर पर भिवानी में अध्यापकों ने लघु सचिवालय के सामने सत्याग्रह धरना और भूख हड़ताल कर सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोला।

 
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गांधी जयंती पर भिवानी में अध्यापकों का जोरदार प्रदर्शन

अध्यापकों ने लघु सचिवालय के सामने सत्याग्रह धरने और भूख हड़ताल से सरकार की नीतियों के खिलाफ खोला मोर्चा

40 हजार खाली पदों पर पक्की भर्ती और पुरानी पेंशन बहाली की उठी मांग, अतिथि अध्यापकों को नियमित करने और स्कूल मर्ज की नीति पर जताया कड़ा रोष

भिवानी, 02 अक्तूबर : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर्स फैडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर शुक्रवार को जिला भिवानी के अध्यापकों व कर्मचारियों का गुस्सा सडक़ों पर फूट पड़ा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को स्थानीय  लघु सचिवालय के सामने अध्यापकों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने एक दिवसीय सत्याग्रह धरना देकर भूख हड़ताल की। यह राज्यव्यापी आंदोलन प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया गया। धरने की अध्यक्षता हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान अजीत राठी ने की तथा संचालन जिला सचिव सुमेर आर्य ने किया। इस सत्याग्रह को शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संघ, फायर ब्रिगेड कर्मचारी संघ, रिटायर्ड कर्मचारी संघ और हेमसा ने भी अपना पूर्ण समर्थन दिया।

जिला प्रधान अजीत राठी व जिला सचिव सुमेर आर्य ने सरकार की कर्मचारी और शिक्षा विरोधी नीतियों पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त जिन अध्यापकों की सेवा 5 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, उन पर 31 अगस्त 2028 तक टैट पास करने की शर्त थोपी जा रही है, अन्यथा उनकी सेवाएं समाप्त करने का फरमान जारी किया गया है। संघ इस अन्यायी शर्त को तुरंत रद्द करने तथा वरिष्ठता के आधार पर अध्यापकों को टैट से छूट देने की मांग करता है। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के फैसलों के अनुसार अतिथि अध्यापकों को अतिशीघ्र नियमित किया जाए। उन्होंने मांग की कि स्कूलों को मर्ज या बंद करने के बजाय शिक्षा का बजट बढ़ाया जाए, आबादी के अनुपात में नए स्कूल खोले जाएं और प्रदेश में खाली पड़े शिक्षकों के 40 हजार पदों पर पक्की भर्ती की जाए।

पूर्व अध्यापक संघ के राज्य नेता वजीर सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार अपने संवैधानिक कर्तव्यों से पीछे हट रही है और देश के नागरिकों को मुफ्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित करने का षड्यंत्र रच रही है। शिक्षा को निजी हाथों और कॉर्पोरेट घरानों के सुपुर्द किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि एनपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए, एचकेआरएन को बंद कर सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, तबादला प्रक्रिया हर साल अप्रैल में पारदर्शी तरीके से पूरी हो तथा अध्यापकों से गैर-शैक्षणिक कार्य  न करवाए जाएं।

धरने को राज्य संगठन सचिव सुखदर्शन सरोहा, एसकेएस जिला प्रधान सुमेर आर्य, लोहारू से सतीश भेचू, सुशीला देवी, राज्य उपप्रधान व राज्य उपसचिव महेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया। इस सत्याग्रह आंदोलन में अनीता शास्त्री, सुनिता, राजेश लांबा, रतन जिंदल, राजबीर कादियान, प्राचार्य श्रीकान्त, रविन्द्र, विनोद, संजय कुमार, राजेश कुमार, विजय मोहन, दिलबाग सिंह, चांदी राम, जोगेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र कुमार, ओमप्रकाश दलाल, फतेह सिंह, विनोद बॉक्सर, सन्दीप पूनिया, पवन कुमार, अनूप सिंह तथा जोगेन्द्र पिलानिया सहित भारी संख्या में अध्यापक व कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।