Bhiwani School News: टीआईटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मानवाधिकार और बाल सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

भिवानी के टीआईटी स्कूल में मानवाधिकार, नशा मुक्ति और बाल सुरक्षा पर कार्यशाला आयोजित की गई। विद्यार्थियों को गुड टच-बैड टच के प्रति जागरूक किया गया।

 
Yuudhishtir Vats Bhiwani 2026

टीआईटी स्कूल में मानवाधिकार और बाल सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित, विद्यार्थियों को दिया गुड टच-बैड टच और नशा मुक्ति का संदेश

भिवानी, 03 अक्तूबर : स्थानीय टीआईटी सीनियर सैकेंडरी स्कूल में शनिवार को अखिल भारतीय मानवाधिकार संगठन (एबीएचआरओ) के सहयोग से मानवाधिकार, नशा मुक्ति और बाल सुरक्षा विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, नैतिक कर्तव्यों, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य बुद्धिजीवियों और प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

मुख्य अतिथियों में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष युधिष्ठिर वत्स, चरखी दादरी बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष हनुमंत तंवर तथा भिवानी बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष प्रदीप तंवर, विनोद जिंदल (जॉइंट सेक्रेटरी) एबीएचआरओ के राष्ट्रीय महासचिव डा. एच. एस तंवर, ललित अग्रवाल सीए, राजेश तंवर सीए स्टेट चीफ एबीएचआरओ, हेमंत शर्मा कोऑर्डिनेटर हरियाणा एबीएचआरओ, कांती कौशिक लीगल एडवाइजर विशेष रूप से उपस्थित रहे। संगठन के अन्य पदाधिकारियों और गणमान्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को मानवाधिकारों के महत्व, जिम्मेदार नागरिक बनने के सिद्धांतों और नशीले पदार्थों के गंभीर सामाजिक व शारीरिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

टीआईटी स्कूल

वक्ताओं ने युवाओं से नशे जैसी घातक आदतों से दूर रहने और एक अनुशासित, स्वस्थ व सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। विशेष रूप से विद्यार्थियों से संवाद करते हुए भिवानी बार काउंसिल के अध्यक्ष युधिष्ठिर वत्स ने छात्राओं के प्रति सम्मानजनक और उचित व्यवहार के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एक सभ्य और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए बेटियों का सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि है।

कार्यक्रम में बाल सुरक्षा पर गहराई से चर्चा करते हुए छात्रों को गुड टच और बैड टच के अंतर, व्यक्तिगत सीमाओं तथा सुरक्षात्मक उपायों के बारे में जागरूक किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि किसी भी असहज या अनुचित व्यवहार की स्थिति में वे बिना किसी डर के तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या किसी अन्य विश्वसनीय वयस्क को सूचित करें। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें सुरक्षित माहौल प्रदान करने में सही समय पर दी गई शिक्षा, मार्गदर्शन और जागरूकता की सबसे अहम भूमिका होती है। इसके माध्यम से छात्रों को अपने अधिकारों, कर्तव्यों, व्यक्तिगत सुरक्षा और नशे के खतरों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रबंधन ने अखिल भारतीय मानवाधिकार संगठन एवं सभी उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस प्रकार के मार्गदर्शन कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता दोहराई।