- बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव है पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा: एडीसी
- प्रत्येक विद्यालय में कीचन गार्डन बनाकर ऋतु के अनुसार सब्जियां उगाई जाएं
- एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने मिड डे मील योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए जरूरी निर्देश
- एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने मिड डे मील योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए जरूरी निर्देश
Jun 10, 2026, 15:57 IST
भिवानी, 10 जून। एडीसी दीपक बाबूलाल करवा की अध्यक्षता में बुधवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में खंड तोशाम के सभी विद्यालय मुखियाओं एवं मिड डे मील (एमडीएम) इंचार्जों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय मुखियाओं और एमडीएम इंचार्जों को मिड डे मील योजना के बेहतर क्रियान्वयन, भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा योजना से संबंधित विभिन्न दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यालय प्रतिनिधियों से सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए एडीसी श्री करवा ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा है। प्रत्येक विद्यालय में एक किचन गार्डन विकसित कर ऋतु के अनुसार सब्जियां उगाई जाएं। मिड डे मील योजना विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना का संचालन पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता के साथ किया जाए ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, रसोईघरों की स्वच्छता तथा भोजन के समयबद्ध वितरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। एडीसी ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम का उद्देश्य मिड डे मील योजना के प्रभावी संचालन, भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के संबंध में विस्तृत जानकारी देना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय परिसरों में गीले एवं सूखे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण, स्वच्छ वातावरण बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं बारे जानकारी दी गई। विद्यालयों में स्वच्छता को दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने और विद्यार्थियों को भी इसके प्रति जागरूक करने पर बल दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया तथा योजना के सफल संचालन के लिए आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनय कुमार जिंदल, खंड शिक्षा अधिकारी तोशाम विजय कुमार सहित शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए एडीसी श्री करवा ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा है। प्रत्येक विद्यालय में एक किचन गार्डन विकसित कर ऋतु के अनुसार सब्जियां उगाई जाएं। मिड डे मील योजना विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना का संचालन पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता के साथ किया जाए ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, रसोईघरों की स्वच्छता तथा भोजन के समयबद्ध वितरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। एडीसी ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम का उद्देश्य मिड डे मील योजना के प्रभावी संचालन, भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के संबंध में विस्तृत जानकारी देना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय परिसरों में गीले एवं सूखे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, कचरे के पृथक्करण, स्वच्छ वातावरण बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी महत्वपूर्ण पहलुओं बारे जानकारी दी गई। विद्यालयों में स्वच्छता को दैनिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने और विद्यार्थियों को भी इसके प्रति जागरूक करने पर बल दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया तथा योजना के सफल संचालन के लिए आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 180 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनय कुमार जिंदल, खंड शिक्षा अधिकारी तोशाम विजय कुमार सहित शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

