भिवानी जिला परिषद ने जारी की 1.05 करोड़ की ग्रांट
 

मजबूत इरादों से हर काम मुमकिन, अब ग्रामीण विकास को मिलेगी रफ्तार :  चेयरपर्सन अनिता मलिक
 
 
जिला परिषद विकास कार्य

भिवानी, 03 जुलाई : ग्रामीण अंचलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने के लिए भिवानी जिला परिषद ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिला परिषद की चेयरपर्सन अनिता मलिक ने जिले के विभिन्न गांवों के विकास के लिए एक करोड़ 5 लाख की विशेष विकास ग्रांट जारी की है। इस राशि से कैरू, बहल, लोहारू और सिवानी ब्लॉक के गांवों में सामुदायिक भवनों के निर्माण, स्कूलों की मरम्मत और चारदीवारी जैसे महत्वपूर्ण कार्य करवाए जाएंगे। चेयरपर्सन अनिता मलिक ने साफ किया कि जिला परिषद पूरे जिले में बिना किसी भेदभाव के समान रूप से विकास कार्य करवा रही है। उन्होंने कहा कि अगर काम करने का इरादा पक्का हो और नीयत साफ हो, तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है। हमारा लक्ष्य हर गांव तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है।
     चेयरपर्सन अनिता मलिक ने बताया कि जिला परिषद द्वारा जारी की गई राशि को पारदर्शी तरीके से अलग-अलग गांवों की प्राथमिकताओं के आधार पर आवंटित किया गया है। जिसके तहत हेतमपुरा में कम्युनिटी हॉल निर्माण के लिए 15.00 लाख रूपये, सेहरपुरा में कम्युनिटी हॉल निर्माण के लिए 15 लाख रूपये, फरटिया में कम्युनिटी हॉल निर्माण के लिए 15 लाख रूपये, गैंडावास में कम्युनिटी हॉल निर्माण 7.15 लाख रूपये, सुंगरपुर में सरकारी स्कूल की बाउंड्री वाल  के लिए 11.15 लाख रूपये, कालोद मं बाउंड्री वाल व टॉयलेट निर्माण के लिए 11 लाख रूपये, नूनसर में स्कूल के कमरों की मरम्मत के लिए 6.64 लाख रूपये, नूनसर में सुरक्षा दीवार निर्माण के लिए 4.59 लाख रूपये, ढाणी मनफऱा में बाउंड्री वाल निर्माण 4.34 लाख रूपये, झूंपा कलां में बाउंड्री वाल निर्माण के लिए 2.57 लाख रूपये, बड़दू जोगी में 3 कमरों की मरम्मत के लिए 2.30 लाख रूपये, गांव सेहर में 3 कमरों की मरम्मत के लिए 1.66 लाख रूपये की ग्रांट जारी हुई। 
      विकास कार्यों की सौगात देने के साथ ही चेयरपर्सन अनिता मलिक ने जिले में चल रहे पेयजल संकट को लेकर सरकार और स्थानीय नेतृत्व पर तीखा राजनीतिक तंज भी कसा। तोशाम हल्के और जिले के अन्य गांवों में पानी की किल्लत का मुद्दा उठाते हुए अनिता मलिक ने कहा कि यह तोशाम हल्के का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि प्रदेश के सिंचाई मंत्री इसी क्षेत्र से आते हैं, लेकिन इसके बावजूद अलखपुरा, तोशाम और पूरे जिले के कई गांवों में जनता को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। सिंचाई मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग पास होने के बाद भी अगर जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है, तो यह प्रशासनिक और राजनीतिक विफलता को दर्शाता है।
       जिला परिषद द्वारा इतनी बड़ी राशि एक साथ जारी होने से ग्रामीण क्षेत्रों में खुशी की लहर है। विशेषकर स्कूलों के कमरों की मरम्मत और गांवों में सामाजिक कार्यक्रमों के लिए कम्युनिटी हॉल की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे चेयरपर्सन ने प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इन सभी कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा करवाया जाए।