भिवानी के सैक्टर-13 व 23 की बनी नारकीय स्थिति
भिवानी :
शहर के पॉश इलाकों में शुमार सैक्टर 13-23 अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। भिवानी प्रशासन की लीपापोती और ढुलमुल रवैये के कारण यहां के निवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
यहां की सीवरेज व सफाई व्यवस्था इस कदर चरमराई हुई कि जरा सी बारिश में हालात बद से बदत्तर हो जाते है तथा ऐसा ही दृश्य शुक्रवार को भी देखने को मिला, जब जरा सी बारिश ने सैक्टर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। दि भिवानी रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान (आजीवन उपलब्धि पुरस्कार प्राप्त) रामकिशन शर्मा ने कड़ा रोष प्रकट करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
रामकिशन शर्मा ने बताया कि सेक्टर में जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रही है। वर्षा के होदों की सुचारू रूप से सफाई नहीं की गई, जिसके कारण मात्र 2 इंच बारिश होते ही सडक़ें दरिया बन जाती हैं। जल निकासी के निकास द्वार ऊंचे होने के कारण पानी प्राकृतिक रूप से निकल नहीं पाता और सडक़ों पर लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
शर्मा ने बताया कि यह मामला पहले भी कई बार कष्ट निवारण समिति में रखा गया था। शिक्षा मंत्री महिपाल हांडा ने स्पष्ट रूप से जल निकासी के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने इन आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। रामकिशन शर्मा ने कहा कि जब कष्ट निवारण समिति के आदेशों का भी पालन नहीं हो रहा, तो आम जनता अपनी गुहार लेकर कहां जाए।
प्रशासन की कार्यशैली से ऐसा लगता है कि उन्हें जनता की तकलीफों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने एक बार फिर से मांग उठाते हुए कहा कि सैक्टर-13 व 23 की सडक़ों की सफाई के लिए स्थायी कर्मचारी नियुक्त किया जाए, मकानों के नंबर स्टील की प्लेटों पर लिखवाकर लगवाने का आदेश दिए जाए, बरसाती पानी की निकासी के लिए डाले गए पाईपों की सफाई करवाई जाए, आदेशों के बावजूद कार्य क्यों रुके हुए हैं, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

